सोनीपत के गांव गिवाना के किसान को ट्रैक्टर खरीद पर सब्सिडी देने के बहाने 25 हजार रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। ठगों ने उनके मोबाइल पर वेबसाइट का लिंक भेजकर झांसे में लिया और ठगी कर ली। बाद में उन्होंने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया। पीडि़त ने कृषि विभाग में जाकर पता किया तो जानकारी मिली कि इस तरह की कोई योजना नहीं हैं। जिस पर सदर थाना गोहाना पुलिस को अवगत कराया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
वेबसाइट पर योजना की जानकारी देखकर किसान ने किया था आवेदन
गांव गिवाना निवासी किसान सत्येंद्र ने बताया कि उन्होंने एक वेबसाइट पर ट्रैक्टर खरीदने पर 50 फीसदी सब्सिडी देने की स्कीम देखी थी। जिस पर उन्होंने इसके लिए आवेदन कर दिया। आवेदन करने के बाद उनके पास एक मोबाइल नंबर से कॉल आई और कॉल करने वाले ने अपना नाम विक्रम राव बताया था। उसने उन्हें कहा कि आपका आवेदन स्वीकृत हो गया है।
नहीं मिली सब्सिडी तो कृषि विभाग कार्यालय में पहुंचा
उन्हें इसका लाभ लेने के लिए सरकारी फीस के पांच हजार रुपये जमा कराने होंगे। इसके बाद उसने मोबाइल एक बारकोड भेज दिया। उन्होंने बोरकोड को स्केन कर 17 जनवरी को 5 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। 19 जनवरी को फिर से कॉल आई और ट्रैक्टर के इंश्योरेंस के नाम पर 20 हजार रुपये भेजने को कहा गया। उन्होंने यह राशि भी ट्रांसफर कर दी। उसके बाद कोई सब्सिडी नहीं मिली। इतना ही नहीं कॉल करने वाले का मोबाइल लगातार बंद आने लगा। जिस पर वह योजना की जानकारी लेने के लिए कृषि विभाग में गए। वहां पर अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कोई स्कीम नहीं है। तब उन्हें ठगी का पता लगा। जिस पर सदर थाना पुलिस का अवगत कराया। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सदर थाना गोहाना में शिकायत देकर दर्ज कराया मुकदमा
किसान साइबर ठगों से सावधान रहें। कृषि विभाग से संबंधित अगर किसी योजना की जानकारी मिलती है तो पहले कृषि विभाग में आकर उसके बारे में पता कर लें। कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर ही योजना के लिए आवेदन करें।
-डॉ राजेंद्र मेहरा, एसडीओ कृषि विभाग गोहाना