फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापरवाही की भेंट चढ़ा प्रवीन: सीएम के आदेश के बाद भी नहीं मिला ब्लड कैंसर का उपचार, जनसवांद में दिए निर्देश

Tue, 30 May 2023 11:16 AM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, सीहमा (हरियाणा)

सार

गांव सीहमा में 25 मई को आयोजित सीएम मनोहरलाल के जनसंवाद में कार्यक्रम में पीडि़त की बहन ने मुख्यमत्री के सम्मुख अपने भाई का इलाज के  करवाने के लिए फरियाद लगाई थी। सीएम ने सीएमओ को जांच करवाने और उसके बाद इलाज के आदेश दिए थे, लेकिन उपचार सुविधा नहीं मिलने पर सोमवार सुबह प्रवीण ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
मृतक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नारनौल के गांव सीहमा में 25 मई को सीएम मनोहरलाल के जनसंवाद में कार्यक्रम में सीएम द्वारा ब्लड कैंसर से पीडि़त प्रवीण कुमार का इलाज स्वास्थ्य विभाग करवाने के आदेश के बावजूद पांच दिन बाद भी इलाज नहीं मिलने मरीज ने सोमवार देर रात दम तोड़ दिया। ब्लड कैंसर से पीडि़त सीहमा निवासी 33 वर्षीय प्रवीण कुमार की तबीयत बिगडऩे के बाद उसके परिजन अपने खर्चे से रोहतक पीजीआई में ले जाते समय अस्पताल के गेट पर जीवन की अंतिम सांस ली।

विज्ञापन


मां की पहले हो चुकी है मौत
प्रवीण की मां मुन्नी देवी का 6 माह पूर्व सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाला यह परिवार बीपीएल धारक है। गांव सीहमा में 25 मई को आयोजित सीएम मनोहरलाल के जनसंवाद में कार्यक्रम में पीडि़त की बहन ने मुख्यमत्री के सम्मुख अपने भाई का इलाज के  करवाने के लिए फरियाद लगाई थी। सीएम ने सीएमओ को जांच करवाने और उसके बाद इलाज के आदेश दिए थे, लेकिन जनसंवाद के 5 दिन बीत जाने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई जांच या उपचार सुविधा नहीं मिलने पर सोमवार सुबह प्रवीण की तबीयत ज्यादा बिगड गई। उसे सिविल अस्पताल नारनौल लाया गया, जहां से उसे रोहतक रेफर कर दिया गया, लेकिन उसने दम तोड़ दिया।

बहन ने लगाई थी गुहार
इस मामले में मृतक प्रवीण की बहन ने मुख्यमंत्री के समक्ष अपने भाई के इलाज के लिए गुहार लगाई थी। उसका कहना था कि इलाज न मिलने के कारण उसके भाई की हालत खराब हो रही है। बीपीएल होने के बाद भी उसका इलाज नहीं हो रहा। सीएएम ने सीएमओ को जांच कराकर रोहतक पीजीआई या झज्जर एम्स में इलाज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन पांच दिन में स्वास्थ्य विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंच पाया। ऐसे में इलाज के अभाव में प्रवीण ने दम तोड़ दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें