हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार खालिस्तान समर्थित आतंकियों के एक अन्य साथी को भी सीआईए-1 की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गांव जुआं का ही रहने वाला तरुण उर्फ तरुणजीत है। वह गांव में अटल सेवा केंद्र चलाता है। आरोप है कि तरुण ने मुख्य आरोपी सागर से दोस्ती में उसका फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस तैयार किया था। जिसमें अलग-अलग नाम के साथ चंडीगढ़ व फतेहाबाद का पता दिया गया है। आरोपी से लैपटॉप और प्रिंटर बरामद कर लिया गया है।
खुफिया एजेंसी और पंजाब पुलिस से मिले इनपुट के बाद सोनीपत सीआईए-1 की टीम ने 19 फरवरी को खालिस्तान समर्थित चार आतंकियों को गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान गांव जुआं के सागर उर्फ बिन्नी, सुनील उर्फ पहलवान, जतिन और गांव राजपुर के सुरेंद्र उर्फ सोनू के रूप में हुई थी। इनके पास से एके-47, पांच विदेशी व एक देसी पिस्तौल मिली थी। मामले में सागर व सुनील अभी भी पुलिस रिमांड पर हैं। जबकि उनके साथी जतिन व सुरेंद्र को पुलिस अदालत के आदेश पर जेल भेज चुकी है।
सीआईए की टीम ने मामले में अब सोमवार की रात में सागर के साथी गांव जुआं के तरुण उर्फ तरुणजीत को गिरफ्तार कर लिया है। तरुण पर आरोप है कि उसने आतंकी सागर को फर्जी आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर दिया था। पुलिस ने आरोपी को मंगलवार दोपहर बाद अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
सागर के पास से मिले थे फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस
पुलिस गिरफ्तारी के बाद जब सागर को उसके घर लेकर गई थी तो वहां से फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिले थे। उसके बाद पुलिस ने सागर से पूछताछ की तो उसने खुलासा किया कि फर्जी आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस अपने गांव में अटल सेवा केंद्र चलाने वाले तरुण से बनवाए थे। जिसके बाद से तरुण पुलिस की रडार पर था।
आधार कार्ड पर चंडीगढ़ और ड्राइविंग लाइसेंस पर फतेहाबाद का पता
आरोपी सागर के पास से मिले आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस पर उसका नाम व पता अलग मिला था। आधार कार्ड पर उसका नाम आयुष बराल पुत्र गुरबचन सिंह निवासी सेक्टर-25 चंडीगढ़ दर्शाया गया था तो ड्राइविंग लाइसेंस पर साहिल पुत्र कृपाल निवासी फतेहाबाद दिखाया गया था।
फर्जी आधार कार्ड और लाइसेंस से होटल में कमरा लेता था सागर
सागर ने पुलिस को बताया है कि वह तरुण द्वारा तैयार किए गए फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस को पहचान पत्र के रूप में इस्तेमाल कर बाहर जाने पर कमरा लेता था। जिससे उसके पकड़े जाने का भय नहीं रहता था। अब पुलिस उन होटलों में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगालेगी, जहां पर आरोपी ने फर्जी पहचान पत्र देकर कमरे लिए थे। यह भी उसके खिलाफ सुबूत बनेंगे।
दोस्त होने के कारण तरुण ने तैयार किया था सागर का फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस
पुलिस का कहना है कि तरुण व सागर एक ही गांव के होने के कारण उनमें लंबे समय से दोस्ती थी। गांव में अटल सेवा केंद्र चलाने के कारण सागर ने तरुण को आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस में बदलाव (एडिट) कर दूसरे नाम व पते पर फर्जी आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए कहा था। तरुण लोगों के आधार कार्ड तैयार कर लैपटॉप व प्रिंटर से निकालता था। उसने दोस्ती की खातिर सागर के फर्जी आधार कार्ड व ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर उसे दे दिए। जिस पर उसने फर्जी नाम व पते दर्ज कर दिए।
खालिस्तान समर्थित आतंकी सागर के साथी तरुण को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने ही सागर का फर्जी आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनाकर दिया था। उससे लैपटॉप व प्रिंटर बरामद कर लिया गया है। उसे अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। -इंस्पेक्टर सुनील कुमार, प्रभारी सीआईए-2, सोनीपत।