हरियाणा के सोनीपत से नामी कंपनियों के नकली स्टीकर बनाकर उनकी आपूर्ति दिल्ली समेत कई राज्यों को की जा रही थी। दिल्ली और गाजियाबाद के लोनी में नामी कंपनियों के नकली कपड़े बनाने की फैक्टरियों पर छापा मारने के बाद सोनीपत से स्टीकर सप्लाई होने का मामला सामने आया था। आरोपी की फैक्टरी में दर्जनों नामी कंपनियों के स्टीकर बनाए जा रहे थे। पुलिस ने एक कंपनी के जांच अधिकारी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
ब्रांड प्रोटेक्टर्स इंडिया प्राईवेट लिमिटेड के निदेशक धीरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया था कि लोनी और दिल्ली में मुफ्ती, योनेक्स व लुइस फिलिप ब्रांड के स्टीकर लगाकर कपड़े बनाने वाली फैक्टरी पर छापा मारा गया था। यहां डुप्लीकेट गारमेंट लेबल के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच शुरू की गई और खान लेबल फैक्टरी का पता लगाया गया।
कपड़ों के ब्रांड के नकली लेबल के विज्ञापन और बिक्री के लिए खान लेबल के फेसबुक, इंडियामार्ट, इंस्टाग्राम और गूगल पर ऑनलाइन खाते भी थे। खान लेबल दिल्ली में थोक व्यापारी और विभिन्न राज्यों में कारखानों में भी नकली मुफ्ती, योनेक्स और लुइस फिलिप ब्रांड लेबल की आपूर्ति कर रहा था। इन नकली लेबल की थोक व्यापारियों और कपड़े बनाने वाली कंपनियों को सप्लाई की जा रही थी।
अमनप्रीत सिंह ने बताया कि मैसर्स आदित्य बिडला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (लुई फिलिप, एलन सोली), मैसर्स क्रडो ब्रांड्स मार्केटिंग प्राईवेट लिमिटेड (मुफ्ती) और मैसर्स सनराइज स्पोर्ट्स इंडिया प्राईवेट लिमिटेड (योनेक्स) की ओर से बाजार का सर्वेक्षण कराया गया था। सोनीपत में एक पार्टी मैसर्स खान लेबल के मालिक हफीजुद्दीन के यहां पर लुइस फिलिप एलन सोली, मुफ्ती व योनेक्स ब्रांड के नकली लेबल टैग बनाए जा रहे थे।
आरोपी के यहां से योनेक्स के 10200 पीस, लुइस फिलिप 8066 और मुफ्ती के 10200 स्टीकर प्राप्त हुए। पुलिस ने बाबा कॉलोनी के हफीजुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया था। उसके यहां पर दर्जनों अन्य ब्रांड के स्टीकर भी तैयार किए जा रहे थे।