शंभूनाथ मंदिर में लूट: महंत का पुलिस से उठा विश्वास, सीएम विंडो पर खुलासे की गुहार
अमर उजाला ब्यूरो
सोनीपत। गांव नाहरी स्थित प्राचीन दादा शंभूनाथ मंदिर में हुई लूटपाट के मामले में तीन माह से अधिक का समय बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। पुलिस अभी तक बदमाशों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा सकी है। जिसके चलते मंदिर के महंत ने मामले की शिकायत सीएम विंडो पर दी है। साथ ही उन्होंने डीएसपी हरिंद्र से मिलकर कार्रवाई की मांग की है। डीएसपी ने निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।
विदित रहे कि दादा शंभूनाथ मंदिर में 24 सितंबर की रात चार-पांच बदमाशों ने लूटपाट की थी। बाबा कर्मबीर नाथ ने ग्रामीणों को बताया था कि वह रात को मंदिर परिसर में बने कमरे में सो रहे थे। दूसरे कमरे में अन्य सेवादार थे। रात करीब 12 बजे चार-पांच बदमाश दीवार फांदकर मंदिर परिसर में घुस गए थे। उन्होंने अंदर आकर महंत कर्मबीर नाथ को गन प्वाइंट पर लेकर दूसरे कमरे में बंधक बना लिया था। लाठी-डंडों से उस पर हमला करने के बाद महंत बच्ची नाथ को भी बांधकर कमरे में बंद कर दिया था। बाद में बदमाशों ने उनके कानों से सोने के कुंडल निकाल लिए थे। इतना ही नहीं अंदर दान पात्र से नकदी लूट ली थी। बदमाश मंदिर परिसर में दान में आए चांदी के आभूषण व चांदी के प्राचीन बर्तन भी लूट लिए थे। 25 सितंबर को सुबह ग्रामीण राजेंद्र मंदिर में पहुंचा तो उन्होंने सभी को बंधन मुक्त किया था। जिसके बाद मामले की सूचना सरपंच व पुलिस को दी गई थी। पुलिस ने मामले में गांव नाहरी के सरपंच सुनील कुमार के बयान पर मामला दर्ज किया था। अभी तक मामले में बदमाशों के बारे में कोई सुराग नहीं लग सका है। महंत सतपाल नाथ ने मामले को लेकर डीएसपी हरिंद्र कुमार से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले को लेकर महंत सतपाल नाथ ने सीएम विंडो पर दी शिकायत में कार्रवाई की मांग करते हुए लिखा है कि उसने एक संदिग्ध का नाम भी पुलिस को बताया है।