अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजय पाराशर की अदालत ने सजा सुनाई। स्पेशल स्टाफ, सेक्टर-3 की टीम ने अप्रैल, 2019 में 1 किलो 100 ग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था।
हरियाणा के सोनीपत में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एएसजे) अजय पाराशर की अदालत ने मादक पदार्थ तस्करी के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 12 साल कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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सेक्टर-3 स्थित स्पेशल स्टाफ में नियुक्त तत्कालीन एएसआई गुलशन कुमार की टीम ने खुबडू रोड पर शेखपुरा मोड़ के पास 15 अप्रैल, 2019 को नाकाबंदी कर रखी थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि शेखपुरा की तरफ से एक व्यक्ति मादक पदार्थ लेकर आएगा। इस पर पुलिस ने सभी जांच शुरू कर दी थी।
इसी बीच एक व्यक्ति शेखपुरा की तरफ आया था तो पुलिस ने उसे रोककर एनडीपीएस का नोटिस दिया था। उसने अपनी पहचान शेखपुरा गांव के रामकिशन के रूप में दी थी। उसके कहने पर तत्कालीन डीएसपी संदीप कुमार को बुलाकर उनके सामने आरोपी की तलाशी ली गई थी।
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उसके पास से पॉलीथिन में 1 किलो 100 ग्राम चरस (सुल्फा) बरामद हुआ था। पुलिस ने उसके खिलाफ मादक पदार्थ द्रव्य निरोधक अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया था, जहां उसे जेल भेज दिया गया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे अजय पाराशर की अदालत ने रामकिशन को दोषी करार दिया था। वीरवार को अदालत ने दोषी को 20 एनडीपीएस एक्ट में 12 साल की कैद व एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर डेढ़ साल अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।