सरकार की अग्निपथ योजना और कांग्रेस नेताओं से ईडी की पूछताछ के विरोध में कांग्रेस पार्टी के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सोमवार को सत्याग्रह किया। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता सुबह 10 बजे लघु सचिवालय पहुंचे और धरना शुरू किया। तीन घंटे तक चले धरने में कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरने का नेतृत्व सत्याग्रह प्रभारी एवं पूर्व विधायक संतराम, पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक, खरखौदा से विधायक जयवीर वाल्मीकि, सोनीपत विधायक सुरेंद्र पंवार, राई से पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया ने किया। कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
पूर्व विधायक संतराम ने कहा कि युवा पहले ही बेरोजगारी से जूझ रहे हैं और केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना लाकर उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है। हालात यह हैं कि भर्तियां पूरी होने से पहले ही रद्द कर दी जाती हैं। धरने में शामिल पूर्व सांसद धर्मपाल सिंह मलिक ने कहा कि एक तरफ सरकार युवाओं की पूर्ण भर्ती करने में सक्षम नहीं है और दूसरी तरफ अग्निपथ योजना लाकर युवाओं का फौज में जीवनभर कार्य करने का सपना तोड़ने का कार्य किया है। युवाओं के भविष्य को संकट में देखते हुए कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है।
विधायक सुरेंद्र पंवार ने कहा कि सड़क से सदन तक युवाओं की आवाज बुलंद की जाएगी। युवाओं की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। युवाओं के भविष्य को देखते हुए सरकार को यह योजना तुरंत वापस लेनी चाहिए। विधायक जयवीर सिंह वाल्मीकि ने कहा कि पहले युवा निर्धारित उम्र में भर्ती हो जाता था और जीवनभर देश सेवा करता था। अब मात्र खानापूर्ति तक कार्य सीमित हो जाएगा। चार साल बाद युवा का भविष्य क्या होगा, यह किसी को पता नहीं।
युवाओं को स्वीकार ही नहीं तो क्यों थोप रही सरकार
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार की अग्निपथ योजना का विरोध प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में हो रहा है। जब देश का युवा इस योजना को स्वीकार करने के लिए तैयार ही नहीं है तो सरकार क्यों युवाओं पर इस योजना को थोप रही है। पूर्व विधायक जयतीर्थ दहिया व अन्य नेताओं ने कहा कि सरकार को तुरंत प्रभाव से योजना वापस लेनी चाहिए। धरने पर सुरेंद्र शर्मा, सुखबीर फरमाणा, सुरेंद्र दहिया, बिजेंद्र आंतिल, राजकुमार कटारिया, शीला आंतिल, जिलाध्यक्ष ललित पंवार, कमल हसीजा, नीलम बाल्याण, हरेंद्र राठी, जसपाल आंतिल, हरेंद्र सैनी, डॉ. सतबीर निर्माण, कर्मवीर सरोहा, डॉ. बिन्नी भारद्वाज, डॉ राकेश, संतोष कादियान, डॉ सुनील कटारिया, राजबाला दलाल, हरिप्रकाश मंडल, रणदीप खोखर, राजेंद्र राठी, सुनील आंतिल, कंवर सिंह खत्री, सीमा शर्मा, कृष्ण, रवि दहिया, दलेल सिंह, कमला मलिक, संतोष गुलिया, प्रेम नारायण गुप्ता, पार्षद बिजेंद्र मलिक, पार्षद मंजीत गहलावत, पार्षद सूर्या दहिया, पार्षद सुरेंद्र नैय्यर, पार्षद नवीन, पार्षद रेनू कपूर, पार्षद नीतू दहिया, राजेश दहिया, सत्यनारायण सरोहा, एडवोकट पुनीत राणा, अभय दहिया, प्रिंस सरोहा, राजेश दहिया, कृष्ण मलिक, मीना नरवाल, चंद्रास, ऋतूराज, रीना मलिक, मंजू, रजनी, अमित आर्य, रवि कपूर सहित अन्य कार्यकर्ता व शहरवासी मौजूद रहे।
गोहाना और बरोदा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
गोहाना और बरोदा हलके के कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं ने उप मंडलीय परिसर में सत्याग्रह किया। धरने का संयुक्त नेतृत्व गोहाना के विधायक जगबीर सिंह मलिक व बरोदा विधायक इंदुराज नरवाल ने किया। विधायक जगबीर सिंह मलिक ने कहा कि अग्निपथ योजना का सीधा मकसद सेना का निजीकरण करना है। यह देश की सुरक्षा व युवाओं से खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल कह रहे हैं कि योजना में प्रशिक्षण लेने के बाद राज्य सरकार नौकरी देगी, जबकि प्रदेश में पहले ही सेवानिवृत्त 23 हजार फौजियों ने पंजीकरण करवा रखा है। सिर्फ 534 को ही नौकरी मिली है। विधायक इंदुराज नरवाल ने कहा कि पहले कृषि कानूनों के बहाने किसानों को निशाने पर लिया गया, अब अग्निपथ योजना से उनके बेटों के भविष्य को दांव पर लगाया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस नेता राजकुमार शर्मा, कुलदीप गंगाना, दुष्यंत लठवाल, रवि इंदौरा, जगशेर नूरनखेड़ा, प्रेमवती भनवाला, आजाद दांगी, अनुज लठवाल, परमेंद्र जौली, अनूप मलिक, अनिल निंबडिया, सतपाल धानक, बंसी वाल्मीकि, जयनारायण गुप्ता, रमेश हुड्डा, लीला पहलवान, सुनेहरा जांगड़ा, बंसी वाल्मीकि, प्रदीप लठवाल सहित अन्य मौजूद रहे।
अग्निपथ योजना के विरोध में लघु सचिवालय के सामने सत्याग्रह में शामिल कांग्रेस नेता और कार्यकर्त?- फोटो : Sonipat