सोनीपत। नागरिक अस्पताल के आउटसोर्स कर्मियों को तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। अधिकारियों से बार-बार मांग करने के बावजूद समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने बुधवार सुबह नागरिक अस्पताल में दो घंटे वर्क सस्पेंड (कार्य बंद) रखा। साथ ही उन्होंने सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग व ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं सफाई कर्मियों के साथ कंप्यूटर ऑपरेटरों के धरने पर जाने से ओपीडी सेवाएं प्रभावित रही। सुबह 10 बजे सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने कर्मियों को छह मई तक वेतन दिलाने के आश्वासन दिया। इसके बाद ठेका कर्मियों ने हड़ताल खत्म की।
कर्मचारियों ने बताया कि वे आउटसोर्सिंग के तहत नागरिक अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं, लेकिन उन्हें नियमित रूप से वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसकी वजह से उन्हें आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ता है। वे पूरी तरह से वेतन पर निर्भर हैं। उनका कहना था कि महंगाई में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। कुछ कर्मचारियों का अब तक कौशल रोजगार पोर्टल पर नाम अपडेट तक नहीं किया गया है। जिसके चलते उनकी परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। वेतन ही मिलने के कारण उन्हें सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर बैठकर प्रदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। इसके बाद सिविल सर्जन डॉ. जयकिशोर ने छह मई तक वेतन दिलवाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद कर्मचारी काम पर लौट गए।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों और डाटा एंट्री आपरेटरों ने सुबह आठ बजे वर्क सस्पेंड कर सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर धरना शुरू कर दिया। अस्पताल के अधिकारियों की कार्रवाई करने के डर से कुछ कर्मचारी काम करते रहे। लेकिन अधिकतर कर्मचारी हड़ताल पर जाने की वजह से ओपीडी प्रभावित रही और ओपीडी पर्ची न बनने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें फरवरी, मार्च और अप्रैल का वेतन नहीं मिला है।
वर्जन
वेतन नहीं मिलने को लेकर कर्मियों ने शिकायत दी है। कंपनी प्रतिनिधियों से बात करके जल्द ही कर्मचारियों को वेतन दिला दिया जाएगा। कुछ कर्मचारियों का वेतन बैंक की कमी से रुका हुआ है। जल्द ही उन्हें भी वेतन दिलवाया जाएगा। साथ ही सभी कर्मचारियों का नाम भी कौशल पोर्टल पर अपडेट करवा दिया जाएगा।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन