संयुक्त पात्रता परीक्षा को लेकर जिले में बनाए गए 53 परीक्षा केंद्रों पर प्रात:कालीन सत्र की परीक्षा खत्म होते ही शहर में जाम की स्थिति बन गई। बस अड्डे पर भारी भीड़ रही। बसों में सीट लेने के लिए अभ्यर्थियों में धक्का मुक्की रही। हालात यह थे कि अभ्यर्थी खिड़कियों से भी बसों में घुसने का प्रयास करते रहे। कुछ अभ्यर्थियों ने बसों की छत बैठकर सफर करने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने उन्हें नीचे उतार दिया और बस के अंदर ही बैठने की हिदायत दी।
सीईटी को लेकर रोडवेज ने पूरी तैयारी की गई थी। अन्य जिलों से आने वाले अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए निजी स्कूलों की बसें मंगवाई गई थी। हालांकि पहले दिन अनुमान के हिसाब से बेहद कम अभ्यर्थी पहुंचे। यही कारण रहा कि रोडवेज ने अपने दिन दोनों सत्रों में सोनीपत बस अड्डे से सात जिलों में 81 बसें ही रवाना की गई हैं। वहीं शहर में 53 परीक्षा केंद्रों के लिए बनाए गए 7 रूटों पर 10 शटल बसें चलाई गई। गोहाना से 7 जिलों में 38 बसें भेजी गई। अन्य बसों को यात्रियों के लिए विभिन्न रूटों पर रवाना किया गया। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि अभ्यर्थियों की संख्या के हिसाब से ही बसों को रवाना किया गया है।
चरखी दादरी से आए अभ्यर्थियों को झेलनी पड़ी परेशानी
संयुक्त पात्रता परीक्षा देने के लिए चरखी दादरी से सोनीपत पहुंचे अभ्यर्थियों को परेशानी झेलनी पड़ी। सायंकालीन सत्र में परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी परिवहन समिति की बस में बैठकर आए थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि चालक ने बस को पुलिस लाइन के पास रोक दिया और सभी को उतरने के लिए कहा। चालक बस अड्डे पर जाने की बजाय पुलिस लाइन से ही बस को मोड़कर वापस चला। गया। उन्हें ऑटो में किराया देकर बस अड्डे तक पहुंचना पड़ा।
जाम ने किया परेशान
प्रात:कालीन सत्र में परीक्षा खत्म होने के बाद और सायंकालीन सत्र की परीक्षा शुरू होने से पहले शहर में जाम की समस्या गहरा गई। दोनों सत्रों के अभ्यर्थियों के पहुंचने से विभिन्न मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही। शहर के गीता भवन चौक, बस अड्डा, मामा भांजा चौक, मुरथल रोड स्थित अन्य जगहों पर जाम लगा रहा। यातायात पुलिस को व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।