हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी परीक्षा परिणाम में सभी विद्यार्थियों के बेहतर अंकों के साथ उत्तीर्ण होने से सीबीएसई के विद्यार्थियों की राह मुश्किल होने वाली है। महाविद्यालयों में शुरू होने वाली दाखिला प्रक्रिया में इस बार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थी पिछड़ सकते हैं। इसका मुख्य कारण एसबीएसई और सीबीएसई द्वारा 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम तैयार करने के लिए अपनाई जाने वाली नीति है। हालांकि सीबीएसई द्वारा अभी परीक्षा परिणाम जारी नहीं किया है। 12वीं का परीक्षा परिणाम 30 जुलाई को घोषित होने की संभावना है।
सीबीएसई स्कूल प्रमुखों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सीबीएसई की विशेषज्ञ टीम हमेशा बच्चे की योग्यता के आधार पर परिणाम देती है। इस बार भी विद्यार्थियों के लेवल का वास्तविक मूल्यांकन कर उसी आधार पर परीक्षा परिणाम तैयार किया गया है। शिक्षाविदों का कहना है कि हरियाणा बोर्ड ने जिस तरीके से परीक्षा परिणाम जारी किया है, उससे बच्चे की वास्तविक योग्यता का मूल्यांकन नहीं हो पाएगा। जारी परिणाम में प्रदेश के कुल 221263 में से 189896 विद्यार्थियों को 80 प्रतिशत से अधिक अंक दिए गए हैं। ऐसे में महाविद्यालयों में शुरू होने वाली दाखिला प्रक्रिया में यदि अंक प्रतिशत के आधार पर दाखिला दिया जाएगा तो सीबीएसई के विद्यार्थियों की आगे की राह कठिन हो सकती है। हालांकि होनहार विद्यार्थी महाविद्यालयों में शुरू होने वाली दाखिला प्रतिस्पर्धा में भी आसानी से निकल जाएंगे।
परीक्षा लेना ही बेहतर विकल्प
कोरोना के कारण बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई थीं। जिसके बाद परिणाम तैयार करने के लिए जो नीति अपनाई, उसमें हरियाणा बोर्ड के सभी विद्यार्थी बेहतर अंकों से उत्तीर्ण हुए हैं। ऐसे में सीबीएसई के विद्यार्थियों के लिए मुश्किलें पैदा होंगी। महाविद्यालयों में शुरू होने वाली दाखिला प्रक्रिया मेरिट के आधार पर होगी तो होनहार विद्यार्थी भी पिछड़ सकते हैं। इस स्थिति को देखते हुए परीक्षा लेना ही सबसे बेहतर विकल्प है। इससे विद्यार्थी की प्रतिभा के साथ न्याय होता है।
- सत्यवान कुंडू, प्रदेशाध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल संघ
महाविद्यालय ले सकते हैं प्रवेश परीक्षा
सीबीएसई द्वारा हमेशा निष्पक्ष व पारदर्शी तरीके से परिणाम तैयार किया जाता है। कोरोना महामारी में परीक्षाएं रद्द होने के बावजूद सीबीएसई ने यही नीति अपनाई है। कॉलेजों में अब तक अंकों के प्रतिशत के आधार पर मेरिट सूची लगती रही है। यदि कॉलेजों में मेरिट सूची के आधार पर एडमिशन होते हैं तो सीबीएसई के विद्यार्थियों की राह मुश्किल हो सकती है। हालांकि इस बार कॉलेजों में प्रवेश परीक्षा के आधार पर दाखिला देने की बात कही जा रही है। यदि ऐसा होता है तो सीबीएसई के विद्यार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
- विजय छाबड़ा, प्राचार्य, साउथ प्वाइंट स्कूल, सोनीपत
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होनहार विद्यार्थियों को नहीं होगी परेशानी
सीबीएसई ने विद्यार्थी की काबिलियत के अनुसार ही अंक प्रदान किए हैं, जबकि हरियाणा बोर्ड ने 12वीं कक्षा के सभी विद्यार्थियों को बेहतर अंकों के साथ उत्तीर्ण किया है, जिससे सीबीएसई के विद्यार्थियों के लिए कॉलेजों में दाखिले की राह मुश्किल हो सकती है। हालांकि इसका होनहार विद्यार्थियों पर किसी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ेगा।
- वीके मित्तल, सहोदय अध्यक्ष, सोनीपत
सत्यवान कुंडू, प्रदेशाध्यक्ष, प्राइवेट स्कूल संघ- फोटो : Sonipat
वीके मित्तल, सहोदय अध्यक्ष, सोनीपत- फोटो : Sonipat