हरियाणा के सोनीपत में नियम 134ए के तहत अलॉट स्कूलों में बच्चों को दाखिला नहीं मिलने से गुस्साए अभिभावकों ने बूंदाबांदी के बीच डीईओ कार्यालय पहुंचे और मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। उस समय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 29 कर्मचारी काम रहे थे। सभी कर्मचारी अंदर ही बंधक बने रहे। अभिभावकों ने मुख्य गेट पर ताला जड़ दरी बिछाकर धरना शुरू कर दिया और कहा कि न कोई बाहर से अंदर आएगा, न अंदर से बाहर जाएगा।
डीईओ कार्यालय में 29 कर्मचारियों के फंसे होने की सूचना पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने धरना दे रहे अभिभावकों से ताला खोलने के लिए कहा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि ताला नहीं खोला गया तो सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा, लेकिन उन्होंने ताला नहीं खोला। जिसके बाद पुलिस ने ताला तोड़कर सभी कर्मचारियों को बाहर निकाला।
छात्र-अभिभावक संघ के नेतृत्व में धरने पर बैठे अभिभावकों ने गैस चूल्हा, बर्तन व खाना बनाने का सामान भी धरनास्थल पर ही मंगवा लिया था। बूंदाबांदी के बीच प्रदर्शन के दौरान भीगने और सर्दी में ठिठुरने के बाद पहले अभिभावकों ने गेट पर ही चूल्हा जलाकर चाय बनाई। फिर खाना बनाने की तैयारी शुरू की। अभिभावकों ने कहा कि जब तक बच्चों का दाखिला सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यहीं डटे रहेंगे। खाना बनाएंगे, खाएंगे और सो जाएंगे।
निजी स्कूलों की मनमानी पर शिकंजा कसने व बच्चों का दाखिला सुनिश्चित करवाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीसी को ज्ञापन सौंपा। आप के जिला अध्यक्ष देवेंद्र गौतम के नेतृत्व में डीसी कार्यालय पहुंचे कार्यकर्ताओं ने कहा कि एडीसी व डीईओ के आदेशों के बावजूद निजी स्कूल संचालक तानाशाही दिखा रहे हैं। ज्ञापन में अपील की गई कि निजी स्कूलों की मनमानी पर लगाम लगाते हुए बच्चों के दाखिले सुनिश्चित करवाएं। उपायुक्त ललित सिवाच ने आश्वासन दिया कि कमेटी गठित कर दी गई है। वीरवार तक सभी के दाखिले हो जाएंगे। देवेंद्र गौतम ने कहा कि दाखिले नहीं हुए तो वे आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस मौके पर नवीन गौड़, बिजेंद्र दहिया, सत्यनारायण शर्मा, देवेंद्र त्यागी, विनोद कुमार, जयपाल, नकीन मेहरा, राजेश हसीजा, सतीश शर्मा, धर्मेंद्र रोहिल्ला, नवीन ओहल्याण, नवीन, विनोद शर्मा, विकास मौजूद रहे।
डीईओ प्रोमिला भारद्वाज ने नियम 134ए पर बातचीत के लिए दोपहर ढाई बजे डीईईओ कार्यालय में निजी स्कूल संचालकों को बैठक के लिए बुलाया, लेकिन निजी स्कूल संचालकों ने उनके बुलावे को गंभीरता से नहीं लिया। चार स्कूल ही समय उपरांत बैठक मेें पहुंचे। इनमें तीन स्कूल गन्नौर व एक स्कूल प्रतिनिधि सोनीपत ब्लॉक से थे। डीईओ ने इस पर नाखुशी जाहिर की। इसके बाद फोन भी घुमाए गए, जिस पर किसी ने बिगड़े मौसम तो किसी ने अन्य जरूरी बात का हवाला देकर अपनी बात रखी। सोनीपत से महज ऋषिकुल वर्ल्ड एकेडमी की तरफ से एक महिला प्रतिनिधि पहुंची। जिन्होंने 134ए को लेकर किसी बात की जानकारी होने से अनभिज्ञता जाहिर की। इसके अलावा गन्नौर खंड से लक्ष्य इंटरनेशनल, रौनक पब्लिक स्कूल व जेपी डीएवी स्कूल प्रतिनिधि पहुंचे। इसके अलावा डीएवी स्कूल सेक्टर-15 ने फोन पर अपनी सहमति दी।
डीईओ प्रोमिला भारद्वाज ने कहा कि नियम 134ए को लेकर विभाग फीस की प्रतिपूर्ति देने को तैयार है। इसके लिए निजी स्कूलों को पंजीकरम करवाना होगा। सोनीपत में अब तक करीब 400 स्कूलों में महज 94 स्कूलों ने ही पंजीकरण करवाया है। यह स्थिति तब है जब दो बार समयावधि बढ़ाई गई है। विभाग ने निजी स्कूलों की प्रतिपूर्ति करने के लिए 13.60 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी कर दी है। वहीं वीरवार से पोर्टल भी ओपन कर दिया जाएगा। जिन्होंने ऑनलाइन रिंबर्समेंट के लिए पोर्टल पर अपडेट नहीं दी है वह अपडेट देने के साथ ही बैंक डिटेल भी जल्द दें। नियम 134ए के तहत सभी स्कूल पात्र विद्यार्थियों को दाखिला दें। जो स्कूल नियमों की अवहेलना करेगा, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। अभिभावकों को भी धैर्य से काम लेना होगा।
कोई भी व्यक्ति सरकारी कार्यालयों पर ताला लगाने जैसी कार्रवाई न करें, यह अनुचित है। नियम 134ए के तहत लोगों की मांग सरकार तक पहुंचा दी गई है, जिस पर निर्णय सरकार लेगी। इसलिए धैर्य के साथ सरकार के फैसले का इंतजार करें। किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई स्वीकार नहीं की जाएगी। डीईओ ने निजी स्कूल संचालकों से बैठक की है, जो सकारात्मक रही। निजी स्कूल संचालकों की मांग पर सरकार ने त्वरित कार्रवाई की है। निजी स्कूल संचालकों की शुल्क वापसी के लिए पोर्टल को खोला जा रहा है। इसलिए निजी स्कूलों को अब तुरंत प्रभाव से 134-ए के अंतर्गत बच्चों को दाखिला देना चाहिए। अभिभावक आवेश मेें आकर कोई भी गैर कानूनी कार्य ना करें। -ललित सिवाच, उपायुक्त, सोनीपत।