बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज।
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एमबीबीएस के बाद दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स करने वाले चिकित्सकों के लिए राहतभरी खबर है। अब वह बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में डिप्लोमा कोर्स कर सकेंगे। इसके लिए एनबीई (राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड) ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को आठ कोर्सों में दो वर्षीय डिप्लोमा कराने की मंजूरी दे दी है। एनबीई ने मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लेने के बाद 23 सीटों की मंजूरी दी है।
गांव खानपुर कलां में स्थित मेडिकल कॉलेज में 500 बेड स्थापित हैं। यहां मरीजों के इलाज के लिए आठ विभाग स्थापित हैं, जिनमें स्त्री रोग, फैमिली मेडिसन, नाक-कान-गला, आंख, रेडियोलॉजी, आर मेडिसिन, एनस्थीसिया व बच्चों का विभाग स्थापित हैं। मेडिकल कॉलेज होने के चलते यहां एमबीबीएस कोर्स भी होती है, लेकिन अभी तक एमबीबीएस के बाद डिप्लोमा कोर्स की सुविधा नहीं थी। इसके लिए चिकित्सकों को कोर्स करने के लिए पीजीआई या अन्य अस्पतालों में जाना पड़ रहा था। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने डिप्लोमा कोर्स शुरू करने के लिए गत वर्ष एनबीई को आवेदन किया था। इसके बाद एनबीई की दो सदस्यीय टीम ने पिछले दिनों मेडिकल कॉलेज में पहुंचकर सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लेकर असेस्मेंट तैयार किया था। अब एनबीई ने आठों विभागों में 23 सीटों पर डिप्लोमा कोर्स करने की अनुमति दी है। इनमें स्त्री एवं प्रसूति विभाग, बाल रोग विभाग व निश्चेतन विभाग को चार-चार, फैमिली मेडिसिन को तीन, आंख, नाक-कान-गला, सांस-दमा रोग विभाग व रेडियोलॉजी विभाग को दो सीटों की अनुमति मिली है। इससे चिकित्सकों को काफी राहत मिली है।
वर्जन
एनबीई ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन को आठ विभागों में 23 सीटों पर दो वर्षीय डिप्लोमा कोर्स करने की अनुमति दे दी है। इसका श्रेय संस्थान के अनुभवी एवं परिश्रमी चिकित्सा शिक्षकों को जाता है। इससे चिकित्सकों के साथ ही आम जनता को काफी लाभ मिलेगा। भविष्य में यह संस्थान देशभर के चिकित्सा शिक्षा संस्थान में अग्रणी स्थान पर होगा।
- डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां।