संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के वरिष्ठ सदस्य बलबीर राजेवाल ने बुधवार को बताया कि लाखों किसान देश में खाद्य और खेती के कॉरपोरेट अधिग्रहण के खिलाफ 26 नवंबर, 2020 से लगातार राजमार्गों पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां उन्हें बैरिकेड लगाकर आगे जाने से रोक दिया गया था
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि दिल्ली पुलिस की तरफ से 26 नवंबर 2020 को दिल्ली में जाने से रोकने के बाद लाखों किसानों को दिल्ली की सीमा पर डटे आज 300 दिन हो चुके हैं। केंद्र सरकार की हठधर्मिता के चलते लाखों किसान धूप, बारिश, ठंड व विषम परिस्थितियों में सड़कों पर हैं। मगर किसानों की दृढ़ इच्छा शक्ति ने आंदोलन को देशव्यापी बना दिया और 27 सितंबर का भारत बंद सरकार के लिए यू टर्न साबित होगा।
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संयुक्त किसान मोर्चा समन्वय समिति के वरिष्ठ सदस्य बलबीर राजेवाल ने बुधवार को बताया कि लाखों किसान देश में खाद्य और खेती के कॉरपोरेट अधिग्रहण के खिलाफ 26 नवंबर, 2020 से लगातार राजमार्गों पर शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जहां उन्हें बैरिकेड लगाकर आगे जाने से रोक दिया गया था। उनकी मांग है केंद्र सरकार को मालूम है, वह किसानों की जायज मांगों को हठपूर्वक ठुकराती रही है। भले ही किसान देश में श्रमजीवियों का सबसे बड़ा समूह है और लोकतंत्र में चुनावों में किसानों की भूमिका काफी अहम होती है।
भारत बंद को सफल बनाने की तैयारी जोरों पर
किसान नेता बलबीर राजेवाल ने कहा कि 27 सितंबर को भारत बंद को सफल बनाने की तैयारी जोरों पर है। देश के विभिन्न हिस्सों में किसान संगठनों द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों से संपर्क किया जा रहा है और उनका समर्थन जुटाया जा रहा है। किसान आंदोलन लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक व्यापक आंदोलन बन रहा है। अनेक किसान संगठनों, श्रमिक संघों, ट्रेड यूनियनों, कर्मचारियों, छात्र संघों, महिला संगठनों, ट्रांसपोर्टर संघों और अन्य की संयुक्त योजना बैठकों के अलावा तैयारी में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने बंद के आह्वान पर अधिक से अधिक नागरिकों को एकजुट करने के लिए महापंचायतों का भी आयोजन किया जा रहा है। किसानों द्वारा भारत बंद के लिए समर्थन जुटाने के लिए बाइक रैली और साइकिल यात्रा भी आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत बंद ऐतिहासिक होगा।