बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज। संवाद
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बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज में बच्चों के लिए 30 बेड का आईसीयू (पीकू) वार्ड तैयार हो गया है। इस वार्ड में बच्चों को ऑक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर तक की सुविधा मिलेगी। सरकार व मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को लेकर यह वार्ड तैयार करवाया है। चिकित्सा अधिकारियों का कहना है कि अगर कोई बच्चा पॉजिटिव आता है तो मेडिकल कॉलेज प्रशासन उसका इलाज करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज के अस्पताल को स्पेशल कोविड अस्पताल घोषित किया हुआ है। इसके तहत यहां के 550 बेड में से आईसीयू समेत 350 बेड कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए निर्धारित किए गए हैं। कोरोना काल में यहां मरीजों व उनके तीमारदारों को ऑक्सीजन से लेकर कई समस्याएं उठानी पड़ी थीं। इसी के चलते सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यहां हर बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा के लिए नई पाइपलाइन बिछाने व तीन नए ऑक्सीजन प्लांट लगाने की प्रक्रिया को पूरी किया है। ऐसे में अब कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है, जिसमें सबसे अधिक बच्चों के संक्रमित होने की आशंका है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने 30 बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का निर्णय लिया था। अब यह वार्ड बनकर तैयार हो गया है। इसमें मरीज बच्चों को ऑक्सीजन से लेकर वेंटिलेटर की भी सुविधा मिलेगी। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने स्टाफ को भी प्रशिक्षित कर दिया है, ताकि नए मरीज आने पर उन्हें कोई परेशानी न उठानी पड़े।
70 बेड का अलग से होगा सामान्य वार्ड
मेडिकल कॉलेज के अस्पताल परिसर में आईसीयू वार्ड के साथ ही 70 बेड का सामान्य वार्ड भी होगा। इसमें सामान्य बीमारी से ग्रसित बच्चों को दाखिल किया जाएगा। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने वार्ड में बेड स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
वर्जन
तीसरी लहर की आशंका के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बच्चों के इलाज के लिए विशेष रूप से आईसीयू व सामान्य वार्ड स्थापित किया जा रहा है। 30 बेड का आईसीयू वार्ड तो तैयार हो गया है। अगर कोई मरीज आता है तो उसका तुरंत इलाज शुरू कर दिया जाएगा।
- डॉ. राजीव महेंद्रु, निदेशक, बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज।