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बिल्डिंग प्लान की 90 में से 26 फाइल दो साल से लंबित, गृहकर की 397 व एनओसी की 220 फाइलें

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नगर निगम कार्यालय में रिकॉर्ड की जांच करते मुख्यमंत्री उडनदस्ते की टीम। संवाद - फोटो : Sonipat
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नगर निगम कार्यालय में सिटीजन चार्टर के तहत काम नहीं होने के कारण शहर के लोगों को परेशानी हो रही है। इसे लेकर शिकायत मिलने के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम ने निगम कार्यालय में छापा मारा। पांच घंटे तक चली कार्रवाई के दौरान टीम ने काफी रिकॉर्ड खंगाला। टीम को जांच के दौरान बिल्डिंग प्लान की 90 में से 26 फाइलें दो साल से लंबित मिलीं। साथ ही गृहकर से संबंधित 397 व नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनओसी) की 220 फाइलें लंबित मिलीं। इस संबंध में रिकॉर्ड भी जब्त किया गया है। टीम के आने की सूचना के बाद अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मचा रहा।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे नगर निगम कार्यालय पहुंची थी। टीम में इंस्पेक्टर सतपाल, सहदेव, जयभगवान और सोनीपत इंचार्ज सत्यनारायण व नरेंद्र शामिल रहे। टीम ने सिटीजन चार्टर के तहत नो ड्यूज सर्टिफिकेट, गृहकर, बिल्डिंग प्लान आदि में अधिक समय से लंबित फाइलों को लेकर पूछताछ की। साथ ही टीम के सदस्यों ने अपने रिकॉर्ड में लंबित फाइलों को रजिस्टर में दर्ज किया। उन्होंने अधिकारियों से लंबित फाइलों के मामले में जवाब मांगा।
पब्लिक डीलिंग के विभागों में सिटीजन चार्टर लागू किया गया है। जिसके तहत अधिकतर कामों के लिए अधिक से अधिक 15 दिनों का समय रखा गया है। हालांकि अधिकतर विभागों में हमेशा शिकायत रहती है कि अधिकारी व कर्मचारी जानबूझ कर फाइलों को लटकाते हैं। शहर के नगर निगम कार्यालय में भी सिटीजन चार्टर के मुताबिक काम नहीं होता। निगम क्षेत्र में रहने वाले लोग अपनी फाइलों को निपटाने के लिए कई माह तक कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं। जिसके कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम कार्यालय से काफी समय से शिकायतें आ रही थी कि लोगों के कामों की फाइलों को कुछ कर्मचारी व अधिकारी जानबूझ कर दबा कर बैठ जाते हैं।
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नगर निगम कार्यालय से मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने जांच के दौरान गृहकर, बिल्डिंग प्लान और नो ड्यूज सर्टिफिकेट (एनओसी) से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की। इन फाइलों से संबंधित जवाबदेही के लिए भी कहा गया है। टीम ने सिर्फ ये ही सवाल किया था कि फाइलें ज्यादा समय से लंबित क्यों है। काम को लेकर लेटलतीफी होने का ही कारण पूछा गया है। इसके अलावा टीम ने किसी तरह के भ्रष्टाचार या हाजिरी से संबंधित कोई जांच नहीं की। इसके बाद टीम आयुक्त कार्यालय में पहुंची, जहां पर आयुक्त ने मिले। आयुक्त धर्मेंद्र सिंह सरकारी काम के चलते बाहर गए हुए थे।
डेढ़ माह से भटक रहे सीनियर सिटीजन को हाथोंहाथ मिली एनओसी
नगर निगम कार्यालय में एनओसी के लिए डेढ़ माह से चक्कर काट रहे सेक्टर-13 निवासी सीनियर सिटीजन ताराचंद मोर को हाथोंहाथ एनओसी दिलवाई गई। टीम जब नगर निगम में पहुंची तो सीनियर सिटीजन ताराचंद मोर नगर निगम में आए थे। उनसे बातचीत में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को पता लगा कि नेवी से सेवानिवृत्त ताराचंद मोर डेढ़ माह से एनओसी के लिए भटक रहे हैं। उनकी फाइल को चेक कराया गया तो पता लगा कि उनकी पत्नी के नाम की स्पेलिंग में गलती थी। उनका नाम तुरंत ठीक कराकर एनओसी दिलवाई गई।
नगर निगम में लंबित फाइलों को लेकर जांच की गई है। एनओसी, गृहकर, बिल्डिंग प्लान की जो फाइलें 15 दिनों से अधिक समय से लटकी हुई थीं, उनसे संबंधित रिकॉर्ड को कब्जे में लिया गया है। अधिकारियों से लंबित रखने का जवाब मांगा गया है। सीनियर सिटीजन को हाथोंहाथ एनओसी दिलवाई गई है। -सतपाल, निरीक्षक, मुख्यमंत्री उड़नदस्ता टीम।
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