सहकारी चीनी मिल में पानी की कमी में कारण बॉयलर की ट्यूब फटने के मामले में मंगलवार को प्रबंध निदेशक ने वाटरमैन अशोक कुमार को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है। इसके साथ ही आउटसोर्सिंग के तहत तैनात शिफ्ट इंजीनियर अनुज की सेवा समाप्त कर दी। मिल के प्रबंध निदेशक ने ट्यूूब फटने के मामले में अन्य अधिकारियों के कार्यों की जांच भी शुरू करवा दी है। वहीं रविवार देर शाम से मिल बंद होने के कारण गन्ना उत्पादक किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार देर शाम बॉयलर की ट्यूब में पानी नहीं पहुंचा तो 25 ट्यूब सिकुड़ना शुरू हो गई थीं। रात को बॉयलर में पानी कम होने के कारण भाप का दबाव अधिक हो गया था। चीफ इंजीनियर देवेंद्र पहल निरीक्षण करते हुए बॉयलर की तरफ आए तो उन्होंने देखा था कि प्रेशर काफी अधिक हो गया है। चीफ इंजीनियर ने तुरंत मैनुअल तरीके से कर्मचारियों को वॉल खोलने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद प्रेशर को कम किया गया था। जब तक उसे खोला गया, तब तक 25 ट्यूब फट चुकी थीं, बॉयलर की छत को भी नुकसान पहुंचा था। मंगलवार को फटी हुईं ट्यूब निकालने का काम किया गया तो 25 और ट्यूब फटी हुई मिलीं। इस पर मिल प्रबंधन ने फरीदाबाद से 50 नई ट्यूब मंगवाई है।
प्रबंध निदेशक खुद रखे हुए हैं मामले पर नजर
चीनी मिल में बॉयलर की ट्यूब फटने के मामले पर प्रबंध निदेशक जितेंद्र जोशी खुद नजर रखे हुए हैं। इस मामले में लगातार सामने आ रहीं कमियों के चलते अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। लापरवाही बरतने के मामले में मंगलवार को प्रबंध निदेशक जितेंद्र जोशी ने कार्रवाई करते हुए वाटरमैन अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया है और ड्यूटी पर तैनात आउटसोर्स पर लगे शिफ्ट इंजीनियर अनुज की सेवा समाप्त कर दी है।
वर्जन
बॉयलर की ट्यूब फटने के मामले में कार्रवाई करते हुए वाटरमैन अशोक कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है और आउटसोर्स पर लगे शिफ्ट इंजीनियर अनुज की सेवाएं समाप्त कर दी है। साथ ही अन्य की जांच कराई जा रही है।
जितेंद्र जोशी, प्रबंध निदेशक, सहकारी चीनी मिल, सोनीपत