सोनीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने वीरवार को साढ़े तीन साल की भतीजी से छेड़खानी व भाभी से दुष्कर्म का प्रयास करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को 20 साल की कैद व 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि में से 50 हजार पीड़ित बच्ची को देने के आदेश दिए गए हैं। जुर्माना न देने पर 21 माह अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
गन्नौर थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला ने 28 जून, 2019 को पुलिस को बताया था कि उसकी तीन बेटियां हैं। उसकी साढ़े तीन वर्षीय सबसे छोटी बेटी गली में खेल रही थी। कुछ देर बाद जब वह गली में गई तो उसकी सबसे छोटी बेटी वहां नहीं मिली थी। जब उसने अपनी बड़ी बेटी से पूछा तो उसने बताया था कि रिश्ते में चाचा लगने वाला राजू उर्फ सुमित उसकी बहन को अपने घर लेकर गया है। जिस पर वह उसके घर पहुंची थी। उस समय राजू अपने कमरे में था। जब उसने कमरे का दरवाजा खोलने को कहा तो भी राजू ने दरवाजा नहीं खोला। इसके बाद उसने जोर से धक्के मारे तो दरवाजे की कुंडी टूट गई। अंदर राजू आपत्तिजनक हालत में उसकी बेटी के साथ छेड़छाड़ कर रहा था। जब उसने बेटी को बचाने कोशिश की तो उसने उसके भी कपड़े फाड़ कर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया था। शोर मचाने पर उसकी पिटाई कर दी थी। महिला का शोर सुनकर आस-पड़ोस के लोग एकत्रित हुए तो राजू मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत में आरोपी राजू के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास, छेड़खानी व पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मामले की सुनवाई के बाद एएसजे सुरुचि अतरेजा सिंह की अदालत ने राजू को दोषी करार दिया है। अदालत ने उसे भादंसं की धारा 376एबी के तहत 20 साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माना, 354बी में तीन साल की कैद व 5 हजार रुपये जुर्माना, 363 में सात साल की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना, 342 में एक साल की कैद और 323 में भी एक साल कैद की सजा सुनाई है।