तीनों कृषि कानूनों वापसी की घोषणा के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि किसानों की एकजुटता की पहली बड़ी जीत है। अब जल्द ही बैठक बुलाकर एमएसपी पर गारंटी कानून समेत कई लंबित मांगों पर आगामी रणनीति तय की जाएगी। कहा, किसानों की लड़ाई से पूरे देश के लोगों को भी एक रास्ता मिल गया है कि अपने मुद्दों को लेकर संघर्ष करें। लंबे समय तक अनुशासन और संयम के साथ आंदोलन चलाने के लिए किसान बधाई के पात्र हैं।
वहीं, एसकेएम ने प्रधानमंत्री की तीन कृषि कानूनों को वापस करने की घोषणा को सही दिशा में एक स्वागत योग्य कदम बताया है।एसकेएम समन्वय समिति के सदस्य डॉ. दर्शन पाल ने शुक्रवार को कुंडली बॉर्डर पर कहा कि कानूनों को निरस्त करने के लिए मजबूर कर किसानों के संघर्ष ने देश में लोकतंत्र और भारत में संघीय राज्य व्यवस्था को बहाल किया है।
अभी कई मांगें लंबित हैं और प्रधानमंत्री को इन लंबित मामलों के बारे में जानकारी है। एसकेएम को उम्मीद है कि भारत सरकार तीन किसान विरोधी कानूनों को निरस्त करने की घोषणा के अलावा किसानों की लाभकारी एमएसपी की गारंटी के लिए वैधानिक कानून सहित सभी जायज मांगों को पूरा करने की पूरी कोशिश करेगी।
दर्शनपाल ने कहा कि एसकेएम सभी घटनाक्रमों का आकलन करेगा और अपनी अगली बैठक में आगे के लिए आवश्यक निर्णय लेगा। इस अवसर पर एसकेएम ने अब तक इस आंदोलन में शहीद हुए किसानों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।
धरनास्थल पर मनाई गुरु नानक देव की जयंती
संयुक्त किसान मोर्चा ने कुंडली बॉर्डर स्थित धरनास्थल पर गुरु नानक देव जी की जयंती मनाई। एसकेएम की ओर से कहा गया कि बेहतर दुनिया बनाने के लिए गुरु नानक देव जी द्वारा बताए गए मूल्यों से आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। सामाजिक कुरीतियों और अत्याचार के खिलाफ गुरु नानक देवी जी की सीख आंदोलन का मार्गदर्शन करती रहेंगी। वहीं, प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद प्रदर्शनकारियों में नया जोश और उत्साह देखने को मिला।