जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान असामाजिक तत्वों की ओर से की गई आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट के पीड़ितों की मदद के लिए सिरसा में 35 बिरादरियां एकजुट हुईं।
पीड़ितों की मदद के लिए एक करोड़ रुपये की राशि एकत्रित करने का लक्ष्य रखा गया। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगराधीश को सौंपा गया।
बुधवार को एफ ब्लॉक क्षेत्र में एक होटल में पंजाबी समुदाय के सभी संगठनों की एक बैठक आयोजित की गई जिसमें सभी ने एकता का नारे बुलंद करते हुए हर हाल में प्रदेश के भाईचारे को जिंदा रखने का संकल्प लिया।
जाट आरक्षण आंदोलन के चलते प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में हुई आगजनी और उससे प्रभावितों की स्थिति पर मंथन कर उन्हें सहायता देने के उद्देश्य से पंजाबी समुदाय के सैकड़ों लोगों ने बैठक की।
जहां असामाजिक तत्वों द्वारा आरक्षण की मांग की आड़ में हिंसा को जन्म देने की घटना की कड़ी निंदा की वहीं पीड़ितों की हरसंभव मदद का संकल्प भी लिया।
इसके बाद सभी लोग लघु सचिवालय पहुंचे और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सीटीएम को सौंपा। जिसमें कहा गया कि आरक्षण आंदोलन के दौरान कुछ उग्र असामाजिक लोगों द्वारा जो उत्पात मचाया गया, उससे प्रदेश में अनेक पंजाबी परिवारों सहित अन्य कई परिवारों को व्यक्तिगत व आर्थिक क्षति पहुंची है।
आरक्षण आंदोलन के दौरान चुन-चुनकर एक ही समुदाय के लोगों के घरों और प्रतिष्ठानों को आग लगाकर क्षति पहुंचाई गई और अनेक परिवारों को पूरी तरह से उजाड़ दिया गया।
ज्ञापन के मार्फत कहा गया कि 36 बिरादरी व मुल्तान सभा, पंचनद स्मारक ट्रस्ट, अखिल भारतीय पंजाबी सेना, अरोड़ा एकता परिवार, पंजाबी सत्कार सभा, हरियाणा पंजाबी सभ्याचार मंच, जय पंजाबी समिति सहित अन्य समाजसेवी संगठन हिंसात्मक घटना की निंदा करती है।
उपरोक्त संगठनों ने मांग की कि जिन लोगों का रोजगार छीना गया है, उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए और जो लोग इस घटना में घायल हुए हैं, उनका उपचार मुफ्त कराया जाए और उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।
चुन-चुन कर बनाया निशाना
ज्ञापन सौंपने से पूर्व हुई बैठक के दौरान पंजाबी समुदाय के सभी लोगों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर एक स्वर में पंजाबी समुदाय की एकता अखंडता को कायम रखने का संकल्प लेते हुए हिंसा के प्रति कसूरवार लोगों के खिलाफ सरकार से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
इसके साथ-साथ पंजाबी नेता राहुल सेतिया, जिला मुल्तान सभा के प्रधान कृष्ण मेहता, वीरभान मेहता, प्रदीप मेहता एडवोकेट, मनोहर मेहता, अमीरचंद मेहता, श्याम बजाज, अमन चोपड़ा, श्याम मेहता, अजमेर सेठी, कृष्ण गुंबर, ओमप्रकाश मेहता, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रमेश मेहता एडवोकेट, वीरभान सेठी, केदार पाहवा, विक्रमजीत सिंह एडवोकेट, सोहन चावला, सुभाष बजाज, जगत कक्कड़, राजेश मेहता, बलदेव दाबड़ा, नरेश सैनी, जिला मुल्तान सभा के व्यवस्थापक अरुण मेहता, सुरेंद्र भाटिया सहित अधिकतर वक्ताओं ने प्रदेश में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांग रखने का सभी को अधिकार है मगर कानून को हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के विकास में पंजाबी समुदाय का विशेष योगदान देने के बावजूद इस वर्ग को हिंसा का शिकार बनाया गया जिसे भविष्य में सहन नहीं किया जाएगा। मंच संचालन मुकेश धींगड़ा ने किया।
शनिवार को होगी महासभा
बैठक के दौरान पंजाबी समुदाय के लोगों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी शनिवार को नेहरू पार्क में पंजाबी समुदाय की एक विशाल महासभा होगी और रोष मार्च निकाला जाएगा।
मार्च से पूर्व बैठक में निर्णय लिया जाएगा कि प्रदेशभर में हुई आगजनी के दौरान प्रभावित परिवारों की मदद के लिए समूचे शहर भर से चंदा एकत्रित किया जाएगा।
उसके बाद महासभा द्वारा गठित कमेटी द्वारा प्रदेश के हरेक जिले का दौरा कर नुकसान का आंकलन किया जाएगा और उसी के हिसाब से पीड़ित परिवारों को भी हरसंभव मदद दी जाएगी।
पीड़ित परिवारों की मदद के लिए वीरभान मेहता के आह्वान पर पंजाबी समुदाय के लोगों ने करीब 25 लाख रुपये एकत्रित कर दिए।
इसकी शुरुआत पंजाबी नेता राहुल सेतिया ने अरोड़वंश सभा की ओर से पांच लाख रुपये देने के साथ की। समुदाय का कुल लक्ष्य सिरसा से एक करोड़ रुपये एकत्रित करने का है जो प्रभावितों में आवंटित किया जाएगा।