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सड़कों से गायब हुई सफेद पट्टी, सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशु

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नेशनल हाइवे पर घूमते अवारा पशु - फोटो : Sirsa
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सिरसा। सड़कों पर घूम रहा गोवंश के कारण हादसे हो रहे हैं। इनके कारण जहां कई लोग घायल भी हो चुके हैं वहीं कई जान भी गंवा चुके हैं। इन गोवंश को पकड़ने के प्रयासों में नप कर्मचारी भी घायल हुए है, तो वहीं बीते दो सालों में आवारा पशुओं से जिले में 90 दुर्घटनाएं हो चुकी है। वहीं टोल प्लाजा पिछले काफी समय से बंद पड़े हैं जिससे हाईवे की ठीक तरह से मरम्मत भी नहीं हो रही। हाईवे पर दिखने वाली सफेद पट्टी गायब हो चुकी है। धुंध व पराली जलाने से होने वाले स्मॉग से दृश्यता बहुत कम होती है, सफेद पट्टी ना होने से स्मॉग व धुंध में सड़क का पता नहीं लग पा रहा।
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धुंध पड़ने व पराली के धुएं से बनी स्मॉग से दृश्यता कम होने से सड़कों पर एक एक आवारा पशु सामने आ जाते हैं जिससे वाहन चालक दुर्घटना का शिकार बन जाते हैं। ऐसे में वाहन चालक चोटिल हो जाता है। मुसीबत यह भी है कि वाहन चालक सहायता के लिए नजदीकी टोल सहायता केंद्र पर भी संपर्क करता है। दुर्घटना की सूचना मिलने व स्थल पर पहुंचने तक पुलिस को काफी समय लग जाता है जिससे घायल व्यक्ति की मौत हो जाती है। सड़कों पर घूमने वाले इन पशुओं को पकड़ने के लिए उपायुक्त ने मंजूरी तो दे दी है लेकिन अभी टेंडर लगाना बाकी है। बेसहारा पशुओं के चलते पिछले दो साल में 90 से अधिक दुर्घटनाएं हो चुकी है। फतेहाबाद से लगने वाली सिरसा सीमा के नेशनल हाईवे 9 की स्थिति ऐसी है कि अगर दुर्घटना हो जाए तो चालक टोल कार्यालय से किसी से संपर्क या सहायता नहीं मांग सकता।
नप ने संभाला था पशु पकड़ने का मोर्चा
शहर में बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए मोर्चा संभाला था। अभियान के दौरान कर्मचारियों ने करीब 200 से ज्यादा पशुओं को पकड़कर गोशाला में पहुंचाया था। लेकिन इस अभियान में नप कर्मचारी अरुण का हाथ टूट गया। वहीं पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. विद्या की पसलियां टूट गई थी। संसाधनों व कर्मचारियों की कमी के चलते बाद में अभियान को विराम दे दिया गया था।
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पशु पकड़ने के लिए अब होगा टेंडर
बेसहारा पशुओं की पकड़ने के लिए उपायुक्त की मंजूरी मिल चुकी है। नगर परिषद सोमवार को टेंडर कॉल की गई है। जिसमें बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अवधि व रकम तय की जाएगी। पकड़े गए पशुओं को केलनियां नंदीशाला में छोड़ा जाएगा।
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बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए उपायुक्त की मंजूरी मिल चुकी है। सोमवार को टेंडर कॉल की गई है।
-राजकुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक, नगर परिषद सिरसा।
दुर्घटना ना हो इसलिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। तेज रफ्तार गाड़ियों के चालान काटे जा रहे हैं।
-बहादुर सिंह, इंस्पेक्टर, ट्रैफिक पुलिस सिरसा।
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