सिरसा के कालांवाली स्थानीय रेलवे स्टेशन पर बुधवार शाम को एक बुजुर्ग महिला छिंद्र कौर निवासी बठिंडा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गई। स्टेशन पर ट्रेन से उतरते समय हादसा हुआ। हादसे में महिला के एक हाथ की उंगलियां वाला हिस्सा कट गया और सिर पर भी चोट आई। खून से लथपथ महिला को सहारा सरबत ट्रस्ट की एंबुलेंस की सहायता से तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कालांवाली में पहुंचाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उसे प्र्राथमिक उपचार देकर सिरसा रेफर कर दिया। हादसे के बाद लोगों के शोर मचाने पर ट्रेन काफी देर रूकी रही और लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई।
जानकारी अनुसार करीब 55 वर्षीय बुजुर्ग महिला छिंद्र कौर की बेटी कालांवाली में शादीशुदा है। वह अपनी बेटी की बेटी का रिश्ता होने पर ससुराल पक्ष के द्वारा सिरसा में रखे रिंग सरेमनी समारोह में शिरकत करके सिरसा से बठिंडा जा रही थी। वह अपने भाई व अन्य परिवारिक सदस्यों के साथ सिरसा से बठिंडा जाने के लिए पैसेंजर ट्रेन में जा रही थी। लेकिन महिला छिंद्र कौर अपने परिवारिक सदस्यों को बिना बताए ही अचानक से कालांवाली रेलवे स्टेशन पर उतरने लगी। जैसे ही वह ट्रेन से नीचे उतरने लगी तो ट्रेन चलने लगी और वह नीचे गिर गई। ट्रेन से नीचे गिरने पर उसका एक हाथ ट्रेन के नीचे आ गया और बुरी तरह जख्मी हो गया।
हादसे के बाद बेसुध हुआ महिला का भाई
महिला छिंद्र कौर के हादसे का पता चलते ही महिला छिंद्र कौर का भाई बेसुध हो गया। तब उसके परिवार के सदस्यों ने उसे संभाला। महिला के इकलौते बेटे मंगु का भी अपनी मां की हालत देखकर रो-रोकर बुरा हाल था।
यदि महिला कार पर आती तो नहीं होता हादसा
घायल महिला के बेटे मंगु ने बताया कि समारोह के बाद उनका परिवार कार पर सवार होकर कालांवाली आ रहा था। इस दौरान वह अपनी मां को भी कालांवाली कार पर ला रहे थे। लेकिन उसकी मां ने कालांवाली रूकने से इंकार करके अपने भाई के परिवार के साथ ट्रेन पर बठिंडा तक जाने को कहा। जिस पर उन्होंने अपने मामा के साथ अपनी मां को चढाया था। यदि मां ने कालांवाली ही रूकना था तो वह उसे कार पर ही लेकर आते और कोई हादसा घटित ना होता।