सांसद आवास का घेराव करने के लिए पुलिस के साथ धक्का मुक्की करती वर्क्स।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सांसद सुनीता दुग्गल के आवास का घेराव करने पहुंची आंगनबाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स को पुलिस ने आगे जाने से रोक दिया। आगे जाने के प्रयास में प्रदर्शनकारी वर्कर्स ने धक्का मुक्की करनी शुरू कर दी। इस दौरान रोड पर लगी लोहे की ग्रिल टूट गई तो कुछ कार्यकर्ता भी गिर गई। हालांकि इसके कारण किसी को चोटें नहीं आई। जिसके बाद कार्यकर्ता आवास का घेराव करने के लिए दूसरी तरफ के रास्ते में पहुंच गई लेकिन पुलिस ने पहले ही गेट बंद कर दिया। दो घंटे प्रदर्शन करने के बाद कार्यकर्ता वापस लौट गईं।
शनिवार को दोपहर एक बजे लघु सचिवालय से आंगनबाड़ी वर्कर्स रोष प्रदर्शन करते हुए एचएसवीपी स्थित सांसद सुनीता दुग्गल के आवास का घेराव करने के लिए पहुंची। यहां पहले से ही पुलिस ने रोड पर बस लगा दी। प्रदर्शन करते हुए पहुंची वर्कर्स ने पहले पुलिस को आगे जाने की मांग की लेकिन पुलिस ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। जिसके बाद उन्होंने पुलिस कर्मचारियों के साथ धक्का मुक्की करनी शुरू कर दी। इस दौरान रोड के साथ लगी लोहे की ग्रिल टूट गई। जिससे कई प्रदर्शनकारी गिर गई, कार्यकर्ताओं ने करीब 10 मिनट तक पुलिस ने धक्का मुक्की की। इसके बाद पुलिस ने मौके पर अन्य महिला पुलिस बल को बुला लिया और रोड पर एक जिप्सी को भी खड़ा कर दिया। वर्कर्स उनको पार नहीं कर सकी तो वह सांसद आवास की तरफ जाने वाले दूसरे रास्ते की तरफ चल पड़ी। ऐसे में पुलिस की ओर से पहले से ही गेट को बंद कर दिया। बारिश में करीब दो घंटे प्रदर्शन करने के बाद वर्कर्स वापस लौट गईं।
प्रशासन ने मांगों पर नहीं की कोई सुनवाई
आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर्स यूनियन की जिला प्रधान कृष्णा दहिया, जिला सचिव प्रोमिला देवी, शकुंतला, वीरोरानी, जिला सचिव प्रोमिला ने बताया कि जिला प्रशासन के सामने आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बढ़ाने, केंद्रों में रजिस्टर उपलब्ध करवाने व दूसरे विभाग द्वारा कार्य लेने पर अलग से वेतन दिलाने की मांग रखी गई। जो लोकल स्तर पर मांग पूरी नहीं होने की बात कही गई। इस पर हमारी वार्ता पूरी तरह से विफल रही है। इसी को लेकर सांसद सुनीता दुग्गल के आवास का घेराव करने का फैसला लिया गया। उन्होंने कहा कि वर्कर्स की मांग है कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए। जब तक कर्मचारी नहीं बनाया जाता तब तक न्यूनतम वेतन आंगनबाड़ी वर्कर्स को 24 हजार व हेल्परों को 16 हजार रुपये दिया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
सांसद आवास के घेराव के दौरान पुलिसकर्मी से बहस करती वर्क्स।- फोटो : Sirsa