संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव नटार में स्कूल के पास शरारती तत्वों को खड़े होने से रोकना सरपंच को महंगा पड़ा। गुस्साए युवकों ने सरपंच पर डंडों से हमला कर दिया और धमकी देकर फरार हो गए। ब्लाक समिति मेंबर व पूर्व सरपंच ने घायल सरपंच बाबूराम को उपचार के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया। सूचना मिलने पर सदर पुलिस अस्पताल पहुंची और घायल सरपंच का बयान दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
पुलिस को दी शिकायत में सरपंच बाबू राम ने बताया है कि मंगलवार दोपहर 12 बजे वह घर पर था। इसी दौरान उसकी दुकान से शोर सुनाई दिया। उसने घर से दुकान में देखा तो मीता, राजू, गुरजीत कौर पत्नी मीता, राजपाल, वकील, नीलू, कृष्ण, गगन व बग्गा निवासी नटार उसकी दुकान का सामान उठाकर बाहर फेंक रहे थे और तोड़फोड़ कर रहे थे। बाबू राम ने बताया कि जब वह दुकान में पहुंचा तो उक्त सभी ने उसपर डंडों से हमला कर दिया। जान बचाने के लिए वह अपने घर में घुस गया तो आरोपी उसके घर में घुस आए। शोर सुनकर उसकी पत्नी रेशमा उसे बचाने आई तो उसपर भी डंडों से हमला कर दिया। इसी समय ब्लॉक समिति मेंबर अजय कुमार, रतन लाल, मलकीत सिंह मौके पर आ गए। इनके देखकर आरोपी धमकी देकर बाइक पर सवार होकर फरार हो गए। आरोपियों ने धमकी दी कि अगर उनके लड़कों को स्कूल के आगे खड़े होने से रोका तो सही नहीं होगा। बुधवार को सरपंच एसोसिएशन के सदस्य सदर थाना में एकत्रित हुए और जल्द से जल्द आरोपियों पर कार्रवाई गिरफ्तार करने की मांग उठाई।
लड़कियों को परेशान करते थे कुछ शरारती
सरपंच बाबू राम ने पुलिस को बताया कि उनके गांव का सरकारी स्कूल पहले 8वीं क्लास तक था, जो अब अपग्रेड होकर 12वीं तक हो गया है। नटार व आसपास के गांवों के विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं। स्कूल की छुट्टी होती है तो गांव व आसपास के कुछ शरारती लड़के स्कूल के पास खड़े होकर लड़कियों को परेशान करते थे। गांव की पंचायत ने एक माह पहले शरारती लड़कों पर अंकुश लगाने का फैसला लिया था। स्कूल की छुट्टी के बाद पंचायत के सभी मेंबर इन लड़कों को स्कूल के बाहर खड़ा होने से रोकने लगे। इसी कारण ये कुछ लड़के व उनके परिवार वाले रंजिश रखने लगे।