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Sirsa News: रफ्तार पकड़ने पहले ही थमे रोडवेज की नई यूरो सिक्स बसों के पहिये

Mon, 16 Oct 2023 10:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सिरसा। रोडवेज बेड़े में शामिल हुईं 19 नई यूरो सिक्स बसों को रविवार को रूट पर उतार दिया गया, लेकिन पहले दिन ही बसों के रफ्तार पकड़ने से पहले ही पहिये थम गए। बस के डीजल इंजन में तकनीकी खामी आई है। मामले की सूचना रोडवेज और वर्कशाप के कर्मचारियों को दी गई। इसके बाद यात्रियों को दूसरी बसों के माध्यम से रवाना किया गया। अब मामले की शिकायत टाटा कंपनी के इंजीनियरों को दी गई है, जोकि बसों की जांच करेंगे।
दो सप्ताह पहले सिरसा डिपो में टाटा कंपनी की 19 यूरोे सिक्स बसें पहुंची हैं। रोडवेज की ओर से दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद उन्हें रविवार को रूट पर उतारा गया है। रविवार सुबह रोडवेज ने करीब पांच बसों को रूट पर भेजा गया। इनमें से तीन बस दिल्ली पुल व महाराणा प्रताप चौक पर जाकर ही बंद हो गई। चालकों ने इसकी सूचना रोडवेज डीआई को दी। इसके साथ ही यात्रियों को दूसरी बसों में सवार कर भेजा गया। मैकेनिकों ने मौके पर पहुंचकर बसों को शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। जैसे तैसे कर बसों को कार्यशाला में पहुंचाया गया। यहां पर मैकेनिक बसों को शुरू करने का प्रयास करते रहे। इस संबंध में रोडवेज की ओर से अब टाटा कंपनी के इंजीनियरों को मामले की शिकायत दी है, जोकि सोमवार को सिरसा में पहुंचकर बसों की जांच करेंगे। इसके पश्चात बसों को रूट पर उतारा जाएगा।
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डीजल पंप में हवा लेने की बात आई समाने
वहीं रोडवेज कर्मचारियों की माने तो बसों के बंद होने का मुख्य कारण डीजल पंप का हवा लेना है। इसके कारण कुछ दूरी पर चलकर बसें बंद हो गई और दोबारा से शुरू नहीं हो पाई। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी की ओर से सभी बसों में उतना ही डीजल डाला गया था। जितने में वह सिरसा बस स्टैंड तक पहुंच सके। कई बसों का वर्कशाप तक पहुंचते ही डीजल खत्म हो गया और इंजन की पाइपों में हवा चल गई। रोडवेज चालकों की ओर से बस में डीजल भरवाने के बाद रूट पर उतारा गया था, लेकिन हवा के कारण बसे रास्ते में ही बंद हो गई ।

नई तकनीक की बसें, ठीक करने के लिए कर्मचारियों को नहीं दिया प्रशिक्षण
रोडवेज वर्कशाप में मुख्यालय की ओर से नई तकनीक की बसों को भेजा गया है, लेकिन ठीक करने के लिए यहां पर तैनात स्टाफ को उपकरणों की जानकारी नहीं है। इसके कारण वे बसों की नई तकनीकी को नहीं समझ पाए। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि रोडवेज ने उन्हें नई बसों के बारे में कोई भी जानकारी नहीं दी है। इसके लिए उन्हें ट्रेनिंग दी जानी चाहिए थी, ताकि वह बसों के उपकरणों की जानकारी प्राप्त कर उन्हें ठीक कर सके। नई बस तो बेड़े में शामिल कर दी गई है, उपकरणों की न तो चालकों को जानकारी है और न ही मैकेनिकों को।

जांच के बाद ही रूटों पर रवाना की जाएगी बसें
रोडवेज की ओर से चार बसों को दिल्ली, चार बसों को चंडीगढ़, दो बसों को अनुपगढ़, एक बस बल्लभगढ़, दो बस हनुमानगढ़, दो बस सूरतगढ़, दो बस हिसार, गुरुग्राम और दाे बस ऐलनाबाद से हिसार चंडीगढ़ रूट पर भेजा जाना था। अब तकनीकी खामी आने के कारण सभी बसों की जांच के बाद ही रूटों पर उतारा जाएगा।
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वर्जन
बसों को रोड पर उतार दिया गया है। बसें कई दिनों से वर्कशाप में खड़ी थी। इसके कारण दिक्कत आई है। बसों को ठीक करवाने व तेल की जांच करवाने के बाद उन्हें रूट पर उतारा जा रहा है। - नंदलाल, डीआई, सिरसा डिपो।
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