संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। गांव जमाल की ढाणी ज्ञानदीप के लोग बिजली और पानी को लेकर पिछले 20 दिनों से धरने पर डटे हुए हैं। बीते दिन भीषण गर्मी में धरने पर बैठे दो बुजुर्ग बेहोश हो गए थे। इसके बाद मामला उछला तो जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल समस्या के समाधान को लेकर प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसके तहत गांव में बूस्टिंग स्टेशन बनाया जाएगा। आचार संहिता के हटने के बाद इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा।
गांव जमाल के लोग पेयजल सुविधा के लिए लगातार प्रदर्शन करते आ रहे हैं। पिछले वर्ष गांव को पेयजल नहीं मिलने पर ग्रामीण पानी की टंकी पर चढ़ गए थे। इसके बाद प्रशासन ने पेयजल सुविधा को बेहतर किया था। इस बार गांव जमाल की ढाणी ज्ञानदीप के लोग पिछले 20 दिनों से 24 घंटे बिजली और पानी को लेकर धरने पर डटे हुए हैं। बुधवार को भी ग्रामीणों का धरना जारी है। धरने पर बैठे जयवीर श्योराण, हरिसिंह, ओमप्रकाश, राजेंद्र सिंह ने बताया कि गांव के वार्ड नंबर 19 और 20 में करीब 110 ढाणियां बनी हुई हैं। इन्हें मात्र 8 घंटे बिजली मिल रही है। इसके अलावा पीने के पानी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। उनकी मांग है कि ढाणियों में बिजली आपूर्ति 24 घंटे की जाए और पीने का पानी पर्याप्त दिया जाए।
मंगलवार को दो बुजुर्ग हो गए थे बेहोश
मंगलवार को 50 डिग्री तापमान के कारण धरने पर बैठे बुजुर्ग बनवारी सहारण ओर चांदी राम चक्कर खाकर बेहोश हो गए। मदन कुमार को ब्लड प्रेशर की दिक्कत आई। गनीमत रही कि धरनास्थल पर एम्बुलेंस मौजूद थी तो तुरंत तीनों को जमाल के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां तीनों का उपचार किया जा रहा है।
इस प्रकार विभाग करेगा पेयजल समस्या समाधान : विभाग की ओर से ढाणियों एक स्थान पर होने पर पेयजल सुविधा की जाती है। ढाणियां ज्ञानदीप अलग अलग है। ऐसे में इन ढाणियों को विशेष रूप प्रोजेक्ट विभाग बना रहा है। इसको लेकर विशेष बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना बनाई गई है। इसके बाद ढाणियों को पेयजल के सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी।
गांव जमाल की ढाणी ज्ञानदीप की पेयजल समस्या का समाधान निकाला जा रहा है। आचार संहिता के बाद ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा। बूस्टिंग स्टेशन बनाकर पानी की व्यवस्था बनाई जाएगी। - डॉ. जसवंत सिंह, एसई, जन स्वास्थ्य विभाग