ऐलनाबाद। वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोरोनारोधी टीका ही असरदार है। जिले में जनवरी माह से टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था, लेकिन वैक्सीन की मात्रा कम आने के कारण अभियान गति नहीं पकड़ पा रहा है। अधिकारियों की ओर से 40 से 50 हजार वैक्सीन की डोज मंगवाई जाती है, लेकिन मुख्यालय से कम मात्रा में वैक्सीन पहुंच रही है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी का कहना है कि अगर वैक्सीन की मात्रा बढ़े तो लक्ष्य को जल्द पूरा किया जा सकेगा।
ऐलनाबाद शहर की जनसंख्या 34514 है। जबकि अब तक कुल 21428 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया जा चुका है। इनमें 45 वर्ष से ऊपर के 18,972 लोग व 18 वर्ष के 2456 लोग शामिल हैं। अस्पताल में नियमित रूप से 45 वर्ष से ऊपर के लोगों का टीकाकरण के लिए एक टीम तैनात की गई है। जैसे ही कोई 45 वर्ष से ऊपर की आयु का व्यक्ति या महिला टीकाकरण के लिए अस्पताल में आता है तो मौके पर ही उसका रजिस्ट्रेशन करके टीका लगाया जाता है।
मुख्यालय की ओर से 40 से 50 हजार वैक्सीन की डोज हर सप्ताह में दी जाए तो लक्ष्य को जल्द ही पूरा किया जा सकता है। हर रोज अभियान चलाया जा रहा है। स्टॉक की कमी होने के कारण अभियान को बंद भी करना पड़ रहा है। मुख्यालय से वैक्सीन पहुंचती है तो उसे केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। - डॉ. बालेश बांसल, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी, सिरसा
18 वर्ष के लोगों को टीका उनके द्वारा पोर्टल पर करवाए गए रजिस्ट्रेशन के हिसाब से हो रहा है। हम टीकाकरण की रफ्तार को निरंतर बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इसके लिए ऐलनाबाद में दो जगहों पर वैक्सीनेशन के स्पेशल ड्राइव किए गए हैं और अब अगले स्पेशल ड्राइव के तहत ट्रक व ऑटो रिक्शा चालकों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वैक्सीनेशन की रफ्तार को बढ़ाने के लिए अस्पताल का सारा स्टाफ लोगों को वैक्सीनेशन जल्द से जल्द करवाने के लिए जागरूक कर रहा है। - डॉ. कनुप्रिया, कोरोना टीकाकरण, प्रभारी, नागरिक अस्पताल, ऐलनाबाद
जिस ढंग से दूसरी लहर में कोरोना के संक्रमण से लोगों की मौत हुई है और तीसरी लहर की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए कह सकते हैं कि अब अधिक समय तक इंतजार करने की स्थिति नहीं है। अधिक से अधिक स्पेशल ड्राइव चलाकर 100 प्रतिशत कोरोनारोधी टीकाकरण का लक्ष्य पूरा किया जाना चाहिए। टीकाकरण की मौजूदा रफ्तार संतोषजनक नहीं माना जा सकता है। - डॉ. विनोद गोदारा, स्थानीय निजी अस्पताल
वक्त की जरूरत है कोरोनारोधी वैक्सीन की रफ्तार को तेज किया जाए ताकि सभी लोगों का टीकाकरण पूरा करके उन्हें कोरोना की महामारी से निजात दिलवाई जा सके। हर स्थानीय नागरिक तक शीघ्र कोरोना का टीका पहुंचाने के लिए अस्पताल में डॉक्टरों, नर्सों व अन्य स्टाफ की संख्या कम से कम दोगुनी करनी होगी। टीकाकरण की वर्तमान सुस्त रफ्तार चिंताजनक है। लोगों की जिंदगियां बचाने के साथ-साथ उनकी अर्थव्यवस्था को बचाना भी जरूरी है। इसलिए टीकाकरण की रफ्तार को बढ़ाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। - मलकीयत सिंह, समाजसेवी, अजीज प्रताप सिंह फाउंडेशन