चोपटा। नाथूसरी चोपटा स्थित इफको खाद वितरण केंद्र पर शुक्रवार को डीएपी खाद से भरे एक ट्रक के पहुंचते ही किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस बुलानी पड़ी। बाद में पुलिस ने किसानों को कतार में लगवाया और खाद वितरण कराया।
इफको खरीद केंद्र के सेल्स ऑफिसर ने बताया कि शुक्रवार को केंद्र पर ट्रक में 500 बैग डीएपी खाद पहुंचा। क्षेत्र में लंबे समय से खाद की किल्लत चल रही है। शुक्रवार को जैसे ही डीएपी के पहुंचने की सूचना फैली, नाथूसरी कलां, लुदेसर, तरकांवाली और आसपास के गांवों से किसान ट्रैक्टर, बाइक लेकर केंद्र पर पहुंच गए। वहीं, शुक्रवार को जिले में 200 एमटी खाद पहुंची।
सुबह 5 बजे से भूखे-प्यास घंटों खड़े रहे किसान
किसान महेंद्र सिंह, सतवीर सिंह, केहर सिंह, भगत सिंह ने बताया कि वे पांच बजे से कई घंटों तक भूखे-प्यासे कतार में खड़े रहे, ताकि खाद मिल सके। खाद न मिलने की स्थिति में फसलें खराब होने का डर सता रहा है। खाद की किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कृषि कार्य के लिए डीएपी खाद की अत्यंत आवश्यकता होती है, खासकर इस समय जब खरीफ की फसलों की बुआई जोरों पर है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि केंद्र पर नियमित रूप से खाद की आपूर्ति की जाए, ताकि उन्हें इस प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े
प्रशासन ने बनाई नई व्यवस्था : प्रशासन ने एक किसान के आधार कार्ड पर चार बैग खाद देने का नियम बना गया है। नियम के अनुसार, अधिक से अधिक किसानों को खाद उपलब्ध कराना था। शुक्रवार को सभी बैग का वितरण खरीद केंद्र द्वारा किया गया। खाद नहीं मिलने के कारण कुछ किसानों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
आधार कार्ड के नियम के आधार पर खरीद केंद्र पर किसान खाद खरीद लेते हैं। एक घर के दो से तीन लोग खाद खरीदने के लिए लाइन में लगते हैं। जानकारी के अनुसार कई बार सामने आया है कि उन लोगों के पास प्रति एकड़ जमीन कम होती है और खाद दो गुना ले जाते हैं। ऐसे ही कई मामले प्रदेश सरकार के सामने आए हैं और उनकी जांच चल रही है।
पिछले बार सामने आया था कि राजस्थान के साथ लगने ऐलनाबाद क्षेत्र में बड़े स्तर पर लोगों ने खाद खरीदी थी। इतना ही नहीं, राजस्थान के रिश्तेदारों तक को खाद का वितरण किया गया था। इस एरिया में आधा क्षेत्रफल बिरानी फसल का है।
न यूरिया मिल रही और न ही डीएपी, परेशान किसान काट रहे चक्कर
ओढां। ओढ़ां क्षेत्र के किसानों को यूरिया और डीएपी की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 5 महीनों से डीएपी नहीं मिल रही, जबकि यूरिया की आपूर्ति नाकाफी है। इससे किसान बिना खाद के ही सिंचाई करने को मजबूर हैं।
ओढ़ां पैक्स के अधीन 6 विक्रय केंद्रों के लिए 10 हजार बैग यूरिया और 8 हजार बैग डीएपी की डिमांड भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक खाद की आपूर्ति नहीं हुई। पैक्स प्रबंधक कुलविन्द्र सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले केवल 1500 बैग खाद आई थी, जो जरूरत के मुकाबले बहुत कम थी। गांव नुहियांवाली, जलालआना, ख्योवाली और चोरमार के किसानों ने रोष जताते हुए कहा कि हर बार समय पर खाद नहीं मिलती, जबकि पहले से ही जरूरत का अंदाजा होता है। बरसात के बाद नरमे की फसल के लिए खाद आवश्यक है, लेकिन किसान विक्रय केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि खाद की कमी से फसल उत्पादन पर बुरा असर पड़ेगा, और वे प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। संवाद