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Haryana: 23 हजार क्यूसेक पहुंचा घग्गर का जलस्तर, राजस्थान की तरफ छोड़ा 14 हजार क्यूसेक पानी

Mon, 25 Jul 2022 03:55 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

ओटू हेड की आठ नहरों में 2215 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आज जलस्तर घटने की उम्मीद है। नदी से निकलने वाले मोगों पर 150-150 मिट्टी के बैग रखे गए हैं। रात को ग्रामीण भी पहरा दे रहे हैं।
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घग्गर का जलस्तर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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घग्गर नदी का जलस्तर अब 23 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। इसके चलते अब सिरसा में नदी के साथ लगते किसानों और ग्रामीणों की चिंता भी बढ़नी शुरू हो गई है। घग्गर के बांधों को मजबूत करने और निगरानी के लिए लगातार टीमें गश्त पर लगी है। घग्गर नदी से निकलने वाले मोगों पर भी विभाग की ओर से 150-150 मिट्टी के बैग भरकर रखे हुए हैं। इसके अलावा ओटू हेड से 14 हजार क्यूसेक पानी राजस्थान की तरफ छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा आठ नहरों में 2215 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 

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बीते दो दिनों से लगातार घग्गर का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। पानी नदी के बांधों तक पहुंच चुका है। नदी में अब 23 हजार क्यूसेक पानी बह रहा है।  सिंचाई विभाग की ओर से घग्गर के अलग-अलग स्थानों पर 24 टीमें लगातार निरीक्षण कर रही है। विभाग की ओर से पहले ही घग्गर के सभी बांधों को मजबूर कर दिया गया था।

अब भी घग्गर नदी से निकलने वाले मोगों पर विभाग की ओर से मिट्टी के बैग भरवाकर रखवाए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर बैगों को टूटने वाले स्थान पर रखा जा सके। सोमवार तक घग्गर का जलस्तर कम होने की उम्मीद है। गुहलाचिंका में अब 12 हजार क्यूसेक पानी ही रह गया है। इसके चलते घग्गर का जलस्तर भी काफी गिरने की उम्मीद है ।
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ग्रामीण बोले: घग्गर के बांध जांचने के लिए नहीं पहुंच रहे प्रशासनिक अधिकारी 
पनिहारी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन घग्गर का निरीक्षण करने और बांधों की जांच करने के लिए कोई भी अधिकारी व कर्मचारी मौके पर पहुंच रहा। ग्रामीण ही खुद के स्तर पर जांच कर पहरा दे रहे है। हालांकि घग्गर नदी के बड़े बांध तक ही विभाग की ओर से मरम्मत करवाई जाती है, जबकि घग्गर के छोटे बांध की देखरेख किसानों को करनी पड़ती है।

क्योंकि किसान छोटे बांध के साथ लगती जमीन में फसलों की बिजाई करती है। अगर वह बांध टूट जाता है तो किसानों को अपने स्तर पर ही उसे बांधना पड़ता है। हालांकि सिंचाई विभाग के एसई आत्मा राम भांभू, घग्गर ब्रांच एक्सईएन अदीप हुडा सहित अन्य अधिकारी भी स्थिति जांचने के लिए ओटू हेड पहुंचे।
 
घग्गर में आई जलकुंभी निकालने के लिए मंगवाई अतिरिक्त मशीनें 
पंजाब से बहकर आई जलकुंभी को निकालने के लिए विभाग की ओर  से अब अतिरिक्त जेसीबी को भी काम पर लगाया गया है। अलग-अलग स्थानों पर करीब 25 जेसीबी की लगाकर जलकुंभी निकाली जा रही है, ताकि जलकुंभी के कारण किसी भी क्षेत्र में बांध न टूट सके।

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काफी मात्रा में जलकुंभी होने के कारण अधिकारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलकुंभी को ओटू हेड से राजस्थान कैनाल की तरफ निकाल दिया गया है और वहां पर मशीनों के माध्यम से जलकुंभी को निकाला जा रहा है। 
 
इन नहरो में छोड़ा जा रहा है इतना पानी 
माइनर    क्यूसेक
  • मंगाला माइनर    200 
  • कसाबा माइनर    60 
  • डॉयरेक्ट माइनर    20 
  • शेरावाली माइनर    745 
  • एसजीसी ऑनलाइन    668
  • एसजीसी लाइन    145
  • एनजीसी    379 
  • राजस्थान कैनाल    14000 

घग्गर नदी में अब 23 हजार क्यूसेक के करीब पानी बह रहा है। गुलाचिका में अब जलस्तर कम हुआ है। जिसके चलते घग्गर में भी जलस्तर कम होने की उम्मीद है। घग्गर से निकलने वाले सभी मोगों पर मिट्टी के बैग रखवा दिए है। घग्गर के बांध पर लगातार गश्त की जा रही है। स्थिति अभी सामान्य है। - अदीप हुड्डा, एक्सईएन, घग्गर ब्रांच, सिंचाई विभाग।
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