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बीकॉम के विद्यार्थियों ने नाम काटने पर किया हंगामा, प्राचार्य ने कहा प्रदर्शनकारियों को नहीं दी जाएगी किसी प्रकार की छूट

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सिरसा। नेशनल कॉलेज में बीकॉम के विद्यार्थियों ने नाम काटने पर और ने दाखिला वापस न लेने पर प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर दिया। इस दौरान विद्यार्थियों ने करीब 1 घंटे तक कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करते हुए प्राचार्य संदीप गोयल के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं प्राचार्य संदीप गोयल ने कहा कि नियम के अनुसार अगर कोई विद्यार्थी लगातार 6 दिनों तक कक्षा में नहीं आता है तो उनके नाम काटना जायज है।
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नेशनल कॉलेज में बीकॉम विभाग की शिक्षिका ने 80 विद्यार्थियों के कक्षाएं न लगाने पर नाम काट दिए। जिसके चलते विद्यार्थियों ने हंगामा कर दिया। वहीं दो दिन बाद प्राचार्य द्वारा मामले में संज्ञान न लेने पर विद्यार्थियों ने उनके खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया और प्राचार्य कार्यालय का घेराव कर दिया। प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज ने ऑफलाइन के लिए 21 मार्च को नया टाइम टेबल जारी कर दिया। जिसके दौरान विद्यार्थी बसों की हड़ताल के कारण 28 मार्च को कक्षाएं नहीं लगा पाएं। इसी के चलते शिक्षिका ने उनके नाम काट दिए। विद्यार्थियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस शिक्षिका ने नाम काटे हैं उसने कभी नियमित रूप से कक्षाएं ली ही नहीं। वहीं विद्यार्थियों ने कहा है कि मामले की जांच हो। इसके लिए कॉलेज में लगे सीसीटीवी फुटेज को चैक करवाया जाए ताकि सब सामने आ सके।
शिक्षिका पर लगे आरोप बेबुनियाद
प्राचार्य संदीप गोयल ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा बीकॉम विभाग की शिक्षिका पर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। कॉलेज नियम के अनुसार अगर कोई विद्यार्थी लगातार 6 दिन तक कक्षा में उपस्थित नहीं होता है तो इस दौरान कोई भी शिक्षक विद्यार्थी का नाम काट सकता है। वहीं प्राचार्य ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों में से अधिक संख्या बाहरी युवकों की है। कुछ विद्यार्थी अपनी राजनीति रोटियां सेकने के लिए कॉलेज के विद्यार्थियों को सहारा ले रहे हैं। जिनपर कार्रवाई की जाएगी।
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जीएम को लिखा पत्र
प्राचार्य संदीप गोयल ने 28 मार्च की हड़ताल को लेकर एक पत्र लिखा है। अगर जीएम ने लिखित में हड़ताल की पुष्टि की तो ग्रामीण विद्यार्थियों को लाभ दिया जाएगा। वहीं जो विद्यार्थी शहर से है और हड़ताल को सिर्फ आड़ के रूप में प्रयोग करना चाहते हैं। उनको कॉलेज नियम के अनुसार ही दाखिला दिया जाएगा। किसी प्रकार की कोई लाभ इन विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा।
कॉलेज नियम के अनुुसार विद्यार्थियों के नाम काटे गए हैं। वहीं विद्यार्थी 28 मार्च की हड़ताल का सहारा लेकर अपनी गलती छुपाना चाह रहे हैं। जीएम को पत्र लिखा है। अगर लिखित में हड़ताल की पुष्टि होती है तो ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को नियम के अनुसार लाभ दिया जाएगा। लेकिन शहर के विद्यार्थियों को नियम अनुसार जुर्माना भरकर ही दाखिला लेना होगा।
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-संदीप गोयल, प्राचार्य, नेशनल कॉलेज, सिरसा।
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