सिरसा। कालांवाली में अंकुर हत्याकांड मामले में पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की। इस दौरान खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने और भी वारदात को अंजाम दिया था।
सीआईए कालांवाली की टीम ने मंडी कालांवाली निवासी अंकुर प्रजापति हत्या मामले में मुख्य आरोपी राजकुमार उर्फ रिशालु उर्फ विशाल निवासी गांव बकोली थाना रुबाश जिला भरतपुर हाल प्रहलादपुर (बल्लभगढ़) को 17 फरवरी को गिरफ्तार किया था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 21 फरवरी तक रिमांड पर लिया गया था। सीआईए कालांवाली प्रभारी सब इंस्पेक्टर राजपाल सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी राजकुमार उर्फ रिशालु ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर की गई अन्य कई वारदात करनी कबूल की है।
चोरी की घटनाओं को भी दिया था अंजाम, दो साल में आठ वारदात, एक कत्ल
15 दिसंबर 2020 की रात्रि को आरोपी राजकुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव खरड़ जिला झज्जर में लूट की थी। इस दौरान एक व्यक्ति को गोली मार कर हत्या कर दी थी। कालांवाली सीआईए प्रभारी ने बताया कि करीब छह महीने पहले आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर भूच्चो मंडी, पंजाब से नकदी व जेवरात की लूट की थी। इसके अलावा करीब 7 महीने पहले आरोपी राजकुमार ने अन्य साथियों के साथ मिलकर टोहाना से जेवरात, नकदी चोरी की थी। करीब 8 महीने पहले आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर सुनारिया जेल बाईपास के पास एक घर से गहने व रुपये चोरी थी। करीब 8 महीने पहले आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर भटिंडा पंजाब में अलग-अलग घरों से गहने व रुपये चोरी किए थे। करीब 8 महीने पहले आरोपी राजकुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर नरवाना से गहने व नकदी चोरी की थी। करीब 10 महीने पहले आरोपी राजकुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिल्ली रोड, रोहतक पर स्थित गांव के एक घर से गहने व रुपये चोरी किए थे। सीआईए कालांवाली प्रभारी राजपाल सिंह ने बताया कि आरोपी राजकुमार उर्फ रिशालु से रिमांड के दौरान अंकुर प्रजापति की हत्या में प्रयोग किया गया पिस्तौल व लूटे गए जेवरात बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है जिन्हें गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है।