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आईएमए के समर्थन में आए डॉक्टर और शहरवासियों ने निकाला शांति मार्च, वहीं 25 को ग्रामीण करेंगे घेराव

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मांगों के समर्थन में शहर में रोष मार्च निकालते आईएमएस सदस्य। - फोटो : SR 41
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सिरसा। आईएमए और ग्रामीणों के बीच चल रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीण पर मुकदमा दर्ज होने के बाद अब आईएमए की ओर से उस पर कार्रवाई करने की मांग उठाई जा रही है। जिसको लेकर जिलेभर के डॉक्टरों और शहर वासियों ने एकत्र होकर शहर में शांति मार्च निकाला। वहीं दूसरी तरफ वैदवाला के ग्रामीणों ने डॉक्टर पर मामला दर्ज करने और डॉक्टर द्वारा दर्ज करवाया गए मामले को रद्द करने की मांग उठाई है। जिसको लेकर ग्रामीणों ने जनसंपर्क अभियान चलाकर 25 जनवरी को एसपी को मांग पत्र सौंपने और गिल अस्पताल का घेराव कर पक्का मोर्चा लगाने का निर्णय लिया है।
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महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना के आरोपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर रविवार शाम चार बजे आईएमए के बैनर तले सभी डॉक्टर और शहर वासी सांगवान चौक पर एकत्र हुए। सभी डॉक्टर सांगवान चौक से जुलूस की शक्ल में शहर के सरकूलर रोड स्थित जगदेव सिंह चौक, शिव चौक, सूरतगढ़िया चौक, सुभाष चौक से होते हुए वापस सांगवान चौक पर पहुंचकर मार्च समाप्त किया। मार्च के दौरान महिला चिकित्सकों ने अपने हाथों में गुंडागर्दी बंद करो, महिला चिकित्सक को इंसाफ दो सहित कई नारे लिखे बैनर लिए हुए थे। शांति मार्च में महिला चिकित्सकों व स्टाफ की भागीदारी बड़ी संख्या में रही और महिला चिकित्सक के साथ हुई इस अमानवीय घटना से महिला चिकित्सकों में खासा रोष भी देखा गया। आगामी संघर्ष के लिए सोमवार को फिर से आईएमए पदाधिकारियों की बैठक बुलाई। शांति मार्च के दौरान आईएमए के जिला प्रधान डॉ. आशीष खुराना, आईएमए के स्टेट पैटर्न डॉ. वेद बैनीवाल, आईएमए हरियाणा के उपप्रधान डॉ. अंजनी अग्रवाल, डॉ. रमेश, डॉ. गौतम, डॉ. श्रवण, डबवाली से डॉ. कड़वासरा, आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. अशोक पारीक, डॉ. कुलविंद्र गिल उपस्थित रहे।
डॉक्टर बोले: पता नहीं था बीमारियों के साथ-साथ असामाजिक तत्वों से भी होगा लड़ना
चिकित्सकों ने कहा कि अभी तक वे मरीजों की जान बचाने के लिए बीमारियों से लड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने नहीं सोचा था कि कभी ऐसा भी दिन आएगा कि उन्हें बीमारियों के साथ-साथ असामाजिक तत्वों से भी लड़ना पड़ेगा। चिकित्सकों ने कहा कि कोई भी डॉक्टर क्यों चाहेगा कि उसका केस बिगड़े, बावजूद इसके आईएमए ने युवक जगतार का उपचार करवाने का आश्वासन गांव की पंचायत को दिया था, लेकिन वैदवाला निवासी भूपेंद्र, जोकि अपने आप को किसान नेता बताता है, जगतार को लेकर अस्पताल में आया। उसने न केवल महिला चिकित्सक से दुव्यर्वहार किया, बल्कि उपचार करवाने के नाम पर 5 लाख रुपये की भी डिमांड की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार चलता रहा तो कोई भी डॉक्टर की बाजू पकड़कर उसे डरा धमका कर कुछ भी करवा लेगा। गुंडागर्दी को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की जान बचाने वाले आज खुद अपनी जान बचाने के लिए भय के साए में जी रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर आईएमए को पूरा भरोसा है कि वो उनके साथ न्याय करेगा। अगर इसके बाद भी प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की तो आईएमए को मजबूरन आगामी संघर्ष के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसका जिम्मेदार यहां का प्रशासन होगा।
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ग्रामीण 25 जनवरी को अस्पताल के समक्ष लगाएंगे पक्का मोर्चा
ग्रामीणों में भी इस मामले को लेकर रोष बढ़ता जा रहा है। महिला डॉक्टर पर मामला दर्ज करवाने और ग्रामीणों पर दर्ज हुए मुकदमें को रदद करने की मांग को लेकर ग्रामीण बीते दिन शनिवार को भी एसपी से मिलने के लिए पहुंचे थे। ऐसे में अब ग्रामीण 25 जनवरी को शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में एकत्र होंगे और इसके बाद रोष प्रकट करते हुए एसपी से मिलेंगे। वहीं भूपेंद्र सिंह वैदवाला ने कहा कि अगर उनके ऊपर दर्ज करवाया गया झूठा मुकदमा वापस नहीं लिया जाता तो वह गिल अस्पताल के समक्ष पक्का मोर्चा लगाने को मजबूर होंगे। इसके लिए अन्य गांवों के ग्रामीण भी उनके समर्थन में आ रहे है। इसकी पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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