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डॉक्टर ने शव देने के नाम पर मांगे इलाज के पैसे, भड़के लोग

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 सड़क हादसे में घायल युवक की उपचार के दौरान हुई मौत होने के बाद डबवाली रोड स्थित एक निजी अस्पताल के संचालक ने परिजनों से इलाज का खर्च देने पर ही शव देने की बात कही तो मृतक के परिजन भड़क गए। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ किया।
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 इसके बाद परिजनों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। एक घंटे रास्ता बाधित होने के कारण सड़क पर वाहनों की कतारें लग गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत करवाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को शव दिलवाकर मामला शांत करवाया।

परिजनों ने निजी अस्पताल से शव लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल में पहुंचाया। परिजनों ने चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। सोमवार रात को रानियां गेट निवासी आत्माराम पुत्र कश्मीरी लाल मोरीवाला के निकट हुए हादसे में घायल हो गया था।
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 चिकित्सक ने सिर का ऑपरेशन करने की बात कही थी और मरीज के ठीक होने का दावा किया था। उन्होंने बताया कि वे इलाज के लिए 65 हजार रुपये अदा कर चुके हैं। मंगलवार को उन्हें घायल आत्माराम से मिलने नहीं दिया गया और बुधवार एक लाख 60 हजार रुपये की मांग की गई।

 बुधवार को चिकित्सक ने उन्हें बताया कि घायल की मौत हो चुकी है। परिजनों ने जब शव मांगा तो डाक्टर ने उनसे एक लाख 60 हजार रुपये अदा करने पर ही शव देने की बात कही। परिजनों ने बताया कि चिकित्सक ने उनसे कहा गया कि पैसा दो और डैड बॉडी ले जाओ, अन्यथा शव नहीं दिया जाएगा।


डॉ. स्वप्निल गर्ग ने बताया कि उन्होंने उपचार में कोई कोताही नहीं बरती। मरीज के उपचार का खर्च मांगा था तो परिजन भड़क गए। उपचार पर आया खर्च मृतक के परिजनों ने नहीं दिया है। अस्पताल में हुए घटनाक्रम की जानकारी मिलने के बाद शहर के कई चिकित्सक भी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने मामला शांत होने के बाद पीसीआर तैनात कर दी है। परिजन पोस्टमार्टम के बाद शव को ले गए हैं।
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थाना प्रभारी मौजीराम ने बताया कि उनके पास शिकायत आई है और जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
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