स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने पांच सितंबर 2019 को प्रदेश की नगर निगमों के बकाया ब्याज पर दस प्रतिशत की छूट दी थी। लेकिन इस छूट के लाभ से नगर परिषद व नगर पालिकाओं में आने वाले प्रॉपर्टीधारकों को वंचित कर दिया गया। जबकि पहले प्रॉपर्टी टैक्स में छूट देने के निर्णय नप व नगर पालिकाओं पर भी लागू होते थे।
स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने प्रॉपर्टीधारकों से ज्यादा से ज्यादा टैक्स वसूलने के लिए उन्हें मूल राशि के बकाया ब्याज पर दस प्रतिशत की छूट का लाभ दिया है। यह छूट केवल 31 दिसंबर 2019 तक है। लेकिन स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने पत्र भेजते समय इसमें इस छूट का लाभ नगर परिषद व नगर पालिकाओं के प्रॉपर्टीधारकों को देने का जिक्र नहीं किया। जिस कारण शहरी प्रॉपर्टीधारक नप की कर शाखा के कर्मचारियों से बार-बार छूट का लाभ मिलने के बारे में पूछताछ कर रहे हैं।
नप ने मांगा था मार्गदर्शन, नहीं मिला जवाब
नगर परिषद सिरसा की कर शाखा ने स्थानीय शहरी निकाय विभाग को पत्र लिखकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा। नप ने पत्र का हवाला देते हुए कहा कि अभी तक जब भी नगर निगमों के प्रॉपर्टीधारकों को छूट मिलती आ रही है, इसका लाभ नप व नपा के प्रॉपर्टीधारकों को भी मिलता रहा है। ऐसे में छूट का लाभ नप व नगर पालिकाओं के प्रॉपर्टीधारकों को मिलेगा या नहीं। इसलिए मार्गदर्शन किया जाए। लेकिन स्थानीय शहरी निकाय विभाग ने इस संबंध में कोई जवाब नहीं दिया।
रजिस्ट्री करवाने के लिए जरूरी है प्रॉपर्टी टैक्स
नगर परिषद में प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए विजय कुमार का 2010 से 2019, 20 तक का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया था। उसका ब्याज सहित प्रॉपर्टी टैक्स करीब 12054 रुपये बनता था। लेकिन जब उन्होंने 10 प्रतिशत छूट के बारे में पूछा तो नगर परिषद के सचिव गुरशरण सिंह ने बताया कि हमने सरकार से इसके संबंध में मार्गदर्शन मांगा है। विजय कुमार का कहना है कि जब सरकार ने नगर निगमों के प्रॉपर्टीधारकों को यह छूट दी हुई है तो नगरपालिका व नगर परिषद के प्रॉपर्टीधारकों को इस छूट से वंचित क्यों रखा गया है।
चार से पांच करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स है बकाया
नगर परिषद ने शहर में नए सिरे से प्रॉपर्टी टैक्स का सर्वे शुरू करवाया है। यह सर्वे करीब 41 प्रतिशत ही हुआ है। नप का अभी तक करीब चार से पांच करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। उपभोक्ताओं को बिल बांटने के लिए नप ने टेंडर भी जारी किया हुआ है।
कोट्स
हमने सरकार से मार्गदर्शन मांगा है। लेकिन कोई जवाब नहीं आया। इसलिए प्रॉपर्टीधारक को टैक्स में कोई छूट नहीं प्रदान की जा रही है।
-गुरशरण सिंह, सचिव, नगर परिषद सिरसा।