सिरसा। बच्ची को जन्म देने के बाद उसे त्यागने वाली दोषी मां को न्यायालय ने सोमवार को परिवीक्षा पर छोड़ दिया। दोषी महिला एक माह तक न्यायिक हिरासत में रह चुकी है। दोषी ने न्यायालय से गुहार लगाई थी कि वह बीमार रहती है। उसकी आयु 50 वर्ष है। इसलिए उसकी सजा में नरमी बरती जाए। न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए दोषी को परिवीक्षा पर रिहा कर दिया।
न्यायालय ने फैसले में कहा है कि दोषी अगर अगले छह माह में किसी अपराध में शामिल पाई गए तो उसे उक्त अपराध का दंड दिया जाएगा। इस मामले में दोषी महिला के खिलाफ शहर थाना पुलिस ने वर्ष 2019 में अभियोग दर्ज किया था। जिस बच्ची को दोषी मां ने त्यागा वह अब पांच साल की हो गई है और बाल कल्याण समिति की निगरानी में रह रही है।
यह था मामला
मामले के अनुसार, 20 अप्रैल 2019 को हिसार रोड स्थित एक निजी अस्पताल के पास सुबह लोग सैर कर रहे थे। इसी दौरान बच्चे की रोने की आवाज सुनकर लोग प्लाॅट में पहुंचे तो एक नवजात बच्ची नीचे पड़ी मिली। इसकी सूचना शहर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने नवजात बच्ची एंबुलेंस में नागरिक अस्पताल पहुंचाया। वहीं बाल कल्याण समिति सिरसा की अध्यक्ष अनीता वर्मा अस्पताल पहुंची और बच्ची को अपनी निगरानी में ले लिया। डॉक्टरों ने वर्मा को बताया कि बच्ची का जन्म कुछ घंटे पहले ही हुआ है। पुलिस की जांच के दौरान बच्ची की मां का पता चल गया। इसके बाद पुलिस ने नवजात बच्ची की मां सावित्री निवासी सिरसा के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि सावित्री चाहती थी कि उसे बेटा हो, बेटी पैदा होने के बाद उसने उसका त्याग करने की ठान ली।