सिरसा। शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए जनवरी माह के बाद से कोई अभियान नहीं चला है। इस कारण बाजारों में आवागमन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। दूसरी ओर बाजारों में बरसाती लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। ऐसे में आमजन को बड़े स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी समस्या को दूर करने के लिए नगर परिषद ने विशेष अतिक्रमण हटाओ टीम का गठन किया है, जो बाजारों से अतिक्रमण हटाएगी। हालांकि, गठन के बाद से अभी तक टीम ने कोई ठोस कदम नहीं आया है। अतिक्रमण हटाने के लिए पूर्व जिला नगर आयुक्त सुरेंद्र बेनीवाल, विधायक गोकुल सेतिया दोनों ही बेहद सख्त थे।
पूर्व जिला नगर आयुक्त स्वयं सड़कों पर उतरकर अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते थे। यहां तक कि नगर परिषद के अधिकारियों को सख्त हिदायत रखी थी। दूसरी ओर विधायक गोकुल सेतिया भी स्वयं अतिक्रमण पर सख्त रवैया अपनाए हुए थे वह स्वयं भी अतिक्रमण की फोटो व जानकारी सहित अधिकारियों को शिकायत करते थे। अब पांच माह से अतिक्रमण हटाओ अभियान पूरी तरह से ठप है। मौजूदा डीएमसी वीरेंद्र सेहरावत के पास अतिरिक्त आयुक्त का चार्ज भी है तो उनका पूरा ध्यान इस दिशा में नहीं रहता है।
चेयरमैन बोले- जनता सहयोेग करे
नगर परिषद चेयरमैन ने भले ही स्वयं बाजारों में उतरकर अतिक्रमण पर कार्रवाई न की हो। जब उनसे अतिक्रमण के संबंध में बातचीत की गई तो उन्होंने शहर के मौजिज लोगों का हवाला दिया। चेयरमैन ने कहा कि नगर परिषद की अतिक्रमण हटाओ टीम कार्रवाई करती है तो शहर के मौजिज लोग ही सामान वापस देने के लिए अनुरोध करते हैं। इसलिए अतिक्रमण पर ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती है। इसलिए जनता को उनका सहयोग करना चाहिए।
बिना जुर्माना कार्रवाई भी वापस दिया जाता है सामान
सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद में अतिक्रमण के संबंध में सिफारिशों का आलम यह है कि जब्त किए गए सामान को बिना जुर्माना राशि जमा करवाए ही छोड़ना पड़ता है। अतिक्रमण पर कार्रवाई करने वाली टीम भी इससे बेहद हताश रहती है। ऐसे में कैसे शहर को पूर्ण रूप से नगर परिषद की टीम अतिक्रमण को खत्म कर पाएगी। कर्मचारियों की मानें तो अतिक्रमण पर कोई ठोस कदम उठाने ही नहीं दिया जाता है। सामान उठाते हैं तो साथ ही साथ कई बार वापस देना पड़ता है। ऐसे में कैसे अतिक्रमण हटेगा।
-अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष टीम का गठन किया हुआ है। अतिक्रमण हटाने के लिए कार्रवाई जारी है। शहरवासियों से अपील है कि नगर परिषद की टीम का सहयोग करें। अतिक्रमण के दौरान सामान जब्त किया जाता है तो शहर के मौजिज लोगों के फोन आ जाते हैं।
- वीर शांति स्वरूप, चेयरमैन, नगर परिषद