राजकीय स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। नई भर्ती करने से पूर्व शिक्षा विभाग ने एक नई पहल शुरू की है। इसके अंतर्गत जिले के करीबन 1 हजार स्कूलों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों को भर्ती किया जाएगा। जिसके लिए शिक्षा विभाग ने सभी प्राचार्यों को पत्र जारी कर खाली पदों का आंकड़ा मांगा है।
इस नई योजना के तहत अब राजकीय स्कूलों में सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। खाली पदों पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को अस्थायी रूप से भर्ती किया जाएगा। भर्ती को लेकर निदेशालय ने शिक्षा विभाग को पत्र जारी कर दिया है। वहीं शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल प्राचार्यों को पत्र जारी कर खाली पदों की डिटेल मांगी है। सेवानिवृत्त शिक्षक की भर्ती उसी स्कूल में होगी जहां से उसे सेवानिवृत्त किया गया है। लेकिन ये पद शिक्षा विभाग के कागजों में खाली रहेगा। स्थायी भर्ती होने पर शिक्षक को उसी पद पर भर्ती किया जाएगा।
यह रहेगी अस्थायी रूप से भर्ती की प्रक्रिया
सेवानिवृत्त शिक्षकों की भर्ती जिलास्तर पर गठित समिति करेगी। चयन एक साल के लिए अनुबंध के आधार पर किया जाएगा। शिक्षक का पूर्व रिकॉर्ड ही उसकी भर्ती का आधार होगा। वहीं 31 मार्च 2024 तक सेवानिवृत होने वाले शिक्षकों का प्रदर्शन ही उनका भर्ती का आधार बनेगा। अगर इस पद पर स्थायी शिक्षकों की भर्ती हो जाएगी तो सेवानिवृत्त शिक्षक को सेवा से मुक्त कर दिया जाएगा।
31 मार्च 2024 तक किसी भी शिक्षक को नहीं दी जाएगी सेवानिवृत्ति
शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा विभागों को आदेश जारी किए है कि 31 मार्च 2024 तक किसी भी राजकीय स्कूल में शिक्षकों की सेवानिवृत्ति नहीं दी जाएगी। विभाग ने ये कदम विद्यार्थियों की शिक्षा को देखकर लिया है। अधिकारियों की मानें तो कई बार शिक्षक की सेवानिवृत्ति सेमेस्टर के आधे में ही हो जाती है। इससे छात्रों की पढ़ाई बाधित होती है और परिणाम पर बुरा असर पड़ता है। इसी को देखते हुए शिक्षकों की 31 मार्च 2024 तक होने वाली सभी सेवानिवृत्ति पर रोक लगाई गई है।
सरकार के इस फैसले का हम सामान करते हैं, क्योंकि इस फैसले से विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित नहीं होगी। जब तक विद्यार्थियों को शैक्षणिक सत्र पूरा नहीं होता तब तक शिक्षकों को सेवानिवृत्ति भी नहीं दी जाएगी। यह एक अच्छी पहल है।
- गुरदीप सिंह सैनी, प्रदेशाध्यक्ष, स्कूल कैडर लेक्चरर एसोसिएशन हरियाणा।
सरकार को चाहिए कि सेवानिवृत्त शिक्षकों की जगह युवाओं को पैनल के तहत भर्ती करना चाहिए। जो युवा एचटेट क्लीयर कर घरों में बैठे हैं उन युवाओं को मौका देना चाहिए, ताकि युवा नए जोश और उत्साह के साथ विद्यार्थियों को पढ़ा सके। -
बंसी लाल झोरड़, जिला प्रधान राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ सिरसा।