सिरसा। जाट धर्मशाला में शुक्रवार को सिरसा और फतेहाबाद जिले से किसान भारतीय किसान एकता (बीकेई) की बुलाई बैठक में पहुंचे। बैठक में सिरसा व फतेहाबाद जिले के किसानों ने आ रही दिक्कतों के बारे में बताया। प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने कहा कि नहरों में दो हफ्ते सप्लाई व एक हफ्ते बंदी का शेड्यूल लागू हो।
उन्होंने बताया कि कई महीनों से किसान व आमजन पीने व सिंचाई के पानी की कमी से जूझ रहे हैं। हर साल 21 मई से नहरों की सप्लाई के शेडयूल बदले जाते हैं, जो अभी तक नहीं बदल गया है। 21 दिन की जगह सात दिन की बंदी का शेड्यूल जारी किया जाए। बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद सिंचाई विभाग कार्यालय में जाकर धरना प्रदर्शन किया गया।
किसानों ने ये गिनाईं समस्याएं
- नहरों में पानी की कमी से बड़ी संख्या में किसान नरमे व ग्वार की बिजाई नहीं हो पाई है। नहरी विभाग तुरंत प्रभाव से दो सप्ताह सप्लाई व एक सप्ताह बंदी वाला शेड्यूल जारी करे।
- ओटू हेड पर हिसार-घग्गर ड्रेन पर बने साइफन की मरम्मत जल्द की जाए, ताकि शेरांवाली पैरेलल, एसजीसी नहर व कुताबढ़ माइनर में पानी की सप्लाई दी जा सके।
- ओटू हेड पर मरम्मत के नाम पर लंबे समय से हो रहे भ्रष्टाचार की स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच करवाई जाए। इसमें शामिल अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई करवाई जाए।
- एनजीसी नहर पर बनने वाले साइफन का निर्माण करवाया जाए।
- बायोफर्टिलाइजर के नाम पर किसानों से हो रही लूट व धोखाधड़ी को बंद करवाया जाए।
- डीएपी व यूरिया खाद की उपलब्धता बिना किसी टैगिंग के सुनिश्चित की जाए।
- इफको सेंट्रो सहकारी, सरकारी व प्राइवेट दुकानों पर फर्टिलाइजर के साथ की जाने वाली टैगिंग पूर्ण रूप से बंद की जाए।
- डीएसआर की बकाया राशि जारी की जाए, खेतों में बनी हुई पानी की डिग्गियों की बकाया राशि जारी की जाए।
- खरीफ-2022 का 1,132 आवेदनकर्ताओं का बकाया बीमा क्लेम जारी किया जाए।
किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों पर यह लगाए आरोप
किसान नेता ने मांग की कि राजस्थान के कृषि मंत्री करोड़ी लाल मीणा की तर्ज पर हरियाणा में भी अभियान चलाया जाए। बायोफर्टिलाइजर, फर्टिलाइजर व पेस्टिसाइड कंपनियों पर कार्रवाई की जाए। कृषि विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली संदिग्ध है। अधिकारी निम्न क्वालिटी, बिना अनुमति वाले, लंबे समय से अनुबंधित उत्पाद, रंग-बिरंगी थैलियां व कट्टों में बायोफर्टिलाइजर के नाम मिट्टी व दाना भरकर बिकवा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की शिकायत पर कोई सैंपल भरना भी पड़े तो उसे रास्ते में ही बदल दिया जाता है।