जाट धर्मशाला में किसानों को संबोधित करते हुए प्रहलाद भारूखेड़ा।
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सिरसा। आंदोलन के दौरान एमएसपी पर कानून बनाने, किसानों पर दर्ज हुए मुकदमों को वापस लेने सहित अन्य मांगों पर सहमति होने के बाद थिराज गांव के 100 से अधिक किसानों को समन भेजे गए हैं। जिससे रोषित किसानों ने जाट धर्मशाला में बैठक की ओर नई रणनीति बनाई। वहीं किसानों ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग को लेकर लगातार एक सप्ताह तक धरने प्रदर्शन और मांग पत्र सौंपे जाएंगे। जिसके बाद आगे के आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
सोमवार को हरियाणा किसान मोर्चा से जुड़े पदाधिकारियों ने जाट धर्मशाला में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा ने की। भारूखेड़ा ने कहा कि किसान आंदोलन को समाप्त करने के लिए सरकार ने किसानों से लिखित में समझौता किया था और किसानों की मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया था, लेकिन पांच माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी सरकार ने किसानों की मांगों की तरफ गौर करना उचित नहीं समझा। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्री से भी इस संबंध में प्रतिनिधिमंडल ने मिलकर बकाया बीमा क्लेम, बेमौसमती बारिश से खराब हुई फसलों के मुआवजे व नहरी पानी को लेकर बातचीत हुई थी और उन्होंने आश्वासन दिया था कि किसानों की तमाम समस्याओं का समाधान कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक एक भी समस्या का समाधान नहीं किया गया है, जिससे किसानों में सरकार के प्रति रोष है। भारूखेड़ा ने कहा कि सरकार किसानों के सब्र का ले रही है और किसानों को आंदोलन के लिए उकसा रही है। अगर सरकार ने जल्द से जल्द किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तो वे फिर से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इस दौरान कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए सरकार जिम्मेदार होगी। इस मौके पर सतपाल सिंह सिरसा, बलवंत सिंह प्रधान, गुरनाम सिंह प्रधान, लखा सिंह प्रधान, नैब सिंह मलड़ी उप प्रधान, गगनदीप सिंह, गुरमेल सिंह, बलजिंदर सिंह अलीकां आदि मौजूद रहे।