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प्रैक्टिकल तरीके से साइंस व गणित के फॉर्मूले सीखेंगे विद्यार्थी

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सिरसा। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की साइंस व गणित में अनुसरण शक्ति को बढ़ाने के लिए प्रोजेक्ट बनाकर उसे प्रैक्टिकल तरीके से करवाया जाएगा। इसके लिए अब तीसरी से दसवीं कक्षा तक के 513 स्कूलों को प्रोजेक्ट बनाने के लिए करीब 35 लाख के बजट से राशि दी जा रही है। प्रोजेक्ट में विद्यार्थियों की सहायता अध्यापक करेंगे।
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राजकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले तीसरी से दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को साइंस व गणित पाठ्यक्रम के तहत प्रोजेक्ट बनाने के आदेश शिक्षा निदेशालय ने दिए हैं। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम के टॉपिक को प्रोजेक्ट में बनने वाले मॉडल के माध्यम से जानकारी देना है, ताकि विद्यार्थियों को आसानी से समझाया जा सके। प्रोजेक्ट बनाने के लिए स्कूल के गणित व साइंस अध्यापक विद्यार्थियों की मदद करेंगे। जिले के तीसरी से आठवीं के 320 स्कूलों को 5 हजार रुपये प्रति स्कूल व नौवीं से दसवीं के 193 स्कूलों को 10 हजार रुपये प्रति स्कूल के हिसाब से दिया जाएगा। यह राशि स्कूल मुखिया द्वारा प्रोजेक्ट इंचार्ज को मॉडल बनाने के लिए दी जाएगी। स्कूल को दी जाने वाली राशि से मॉडल में प्रयोग होने वाली वस्तुओं की खरीद व अन्य खर्च शामिल होंगे। प्रोजेक्ट पूरा होने के पहले विद्यार्थियों का समूह टॉपिक इंचार्ज से उस मॉडल को लेकर विस्तार से जानकारी लेगा। जिसके बाद उसका मॉडल बनना शुरू होगा।
प्रत्येक कक्षा के लिए 8 तरह ही होगी प्रोजेक्ट थीम
तीसरी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए जिन थीम मॉडल पर कार्य किया जाना है, वह उनके पाठ्यक्रम से सबंधित होगी। साथ ही प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों को 4-4 मॉडल गणित व साइंस विषय पर आधारित दिए जाएंगे। कक्षा के विद्यार्थियों का समूह निर्णय लेगा कि किस टॉपिक पर प्रोजेक्ट बनाया जाए।
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तीसरी से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए साइंस व गणित के प्रोजेक्ट बनाने के लिए निदेशालय से 35 लाख 3 हजार रुपये का बजट जारी हुआ है। जिसे अब स्कूल के खातों में डाला जा रहा है। गोपाल कृष्ण शुक्ला, एपीसी, समग्र शिक्षा विभाग सिरसा।
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