सिरसा। शहर में अनेक स्थानों पर लगाए गए करीब 15 ट्यूबवेल मामले में घटिया व निम्न दर्जे के सामान का इस्तेमाल करने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। इस मामले में एक एक्सईएन, 3 एसडीओ व 3 जेई को जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से चार्जशीट दी जा चुकी है। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) आर्यन चौधरी की अगुवाई में गठित इस टीम में शहर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर बनवारी लाल, कीर्तिनगर चौकी प्रभारी शैलेंद्र कुमार व एएसआई हनुमान को शामिल किया गया है।
जानकारी के अनुसार नोहरिया बाजार निवासी नीटू कुमार ने विभाग की ओर से शहर में लगाए गए करीब 15 ट्यूबवेल में नकली केबल लगाने व घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। इस मामले की शिकायत सीएम विंडो पर की गई थी। इस्तेमाल की गई केबल के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए, जहां केबल का नकली होने की पुष्टि हुई। लेकिन मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। आखिरकार नीटू कुमार की ओर से जिला कष्ट निवारण समिति में गुहार लगाई गई। बीती 31 मार्च को प्रदेश के गृहमंत्री अनिल विज के समक्ष मामला आया, तब उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन ने एसआईटी का गठन कर मामले को सिरे चढ़ाने की हिदायत दी है।
इनको किया जा चुका है चार्जशीट
सरकारी ट्यूबवेल में नकली केबल के इस्तेमाल के मामले में पब्लिक हेल्थ विभाग की ओर से कई अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है। जिसमें कार्यकारी अभियंता आरएस मलिक, उपमंडल अभियंता आंचल जैन, आशीष गर्ग, के राम, कनिष्ठ अभियंता मोहन लाल, सीताराम व उषा रानी शामिल है।
ट्यूबवेल में नकली केबल लगाने व घटिया सामग्री का इस्तेमाल करने के मामले में एसआईटी का गठन किया गया है। जांच पूरी कर जल्द रिपोर्ट सौंपी जाएगी। - डॉ. अर्पित जैन, पुलिस अधीक्षक, सिरसा