पुरातत्व विभाग की टीम ने बुधवार को थेहड़ का सर्वे किया। तीन सदस्यीय टीम का नेतृत्व उप निदेशक डॉ. बिनानी भट्टाचार्य कर रही थी। सुबह लोक निर्माण विश्राम गृह में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर थेहड़ का हाल जानने के बाद एसडीएम परमजीत सिंह चहल टीम को लेकर दोपहर एक बजे थेहड़ पर पहुंचे। वहीं पुरातत्व अधिकारियों की राय क्या है, क्या कहते हैं यह सुनने के लिए सुबह से ही थेहड़ के लोग घरों के बाहर बैठे थे। आज वह अपने आशियाने को बचाने को लेकर अपने काम पर नहीं गए। प्रशासनिक अधिकारी टीम अधिकारियों को थेहड़ पर स्थित मजार वाले क्षेत्र में ले गए। एसडीएम ने पुरातत्व अधिकारियों को बताया कि ज्यादातर हिस्से को रिहायश के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ये हिस्सा कुछ हद तक प्राचीन रूम में बचा है, आप देखिए जरा।
थेहड़ की आबादी देख हैरान रह गए सर्वे टीम
सर्वे टीम में शामिल अधिकारी विनोद रलाणावत व अक्षत कौशिक थेहड़ पर बसी आबादी देखकर हैरान रह गए। स्थानीय अधिकारियों से उन्होंने कहा कि थेहड़ पर इतनी आबादी बढ़ गई, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने कुछ नहीं किया, बिग फेलियर। दोनों अधिकारियों ने थेहड़ की मिट्टी में नीचे गिरे पत्थर उठाकर देखे। दोनों आपस मेें बोले थेहड़ का 82 एकड़ में है और उन्हेें कुछ कनाल खाली बची जगह दिखाई जा रही है, इससे क्या सटीक पता चलेगा। चंद कदम चलकर टीले पर खड़े एसडीएम परमजीत चहल ने सर्वे अधिकारियों से कहा कि चलो चलते हैं, यहां कितनी जगह खाली है गूगल मैप में दिखाते है आपको। सर्वे अधिकारियों ने कहा कि गूगल मैप में कुछ नहीं दिखेगा, सैटेलाइट इमेज भी पूरी तरह सटीक नहीं होती। इसके बाद बिनानी भट्टाचार्य ने एसडीएम से कहा कि नक्शा मंगवाओ। जितनी जगह दिखाई गई है उसे नक्शे पर चिन्हित किया जाए। एसडीएम ने कहा कि प्रशासन का यह ही प्रयास है की ज्यादा से ज्यादा जगह आपको दें। कुछ कनाल खाली बची जमीन पर बने जो मकान बने हैं, उसके लिए मकान मालिकों से गुजारिश की जाएगी कि वे इन्हें खाली कर दें। इन मकान मालिकों को हुडा के पास खाली पड़े फ्लैट देंगे।
टीम की उप निदेशिका ने कहा, इतनी जल्दी में कुछ समझ नहीं आया
पुरातत्व विभाग की उप निदेशिका भट्टाचार्य ने बताया कि इतनी जल्दी-जल्दी जगह दिखा रहे हैं कुछ समझ में नहीं आ रहा। पूरा थेहड़ 82 एकड़ में है इतनी जल्दी क्या पता चलेगा। सर्वे टीम को थेहड़ पर 45 मिनट ही हुए थे कि उपमंडलाधीश परमजीत सिंह चहल ने बिनानी भट्टाचार्य से कहा मैडम लंच टाइम हो गया है चलो चलते हैं। उन्होंने सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई व पटवारियों को आदेश दिया जो जगह खाली बची है उसकी पैमाइश करके शाम तक रिपोर्ट दो। दोपहर एक बजे थेहड़ पर आई सर्वे टीम मात्र 45 मिनट में औपचारिकता ही निभा सके और दो बजे प्रशासनिक अधिकारियों के कहने पर उनके साथ वापस रवाना हो गए। थेहड़ पर जो-जो खाली जगह अधिकारियों को दिखाई गई वह केवल 620 कनाल जमीन है जो खसरा नंबर 612 में आती है। गौरतलब है कि प्रशासन ने हाईकोर्ट के आदेश पर 3040 परिवारों को 13 जून तक अपने मकान खाली करने के नोटिस दे रखे हैं। अगर आज वीरवार को अदालत से थेहड़वासियों को स्टे मिल जाता है तो प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होनी, लेकिन फैसला उम्मीद के अनुसार नहीं आने पर प्रशासन अपनी तरफ से मकान खाली करवाने की कार्रवाई शुरू करेगा।
कोर्ट में सौंपी जाएगी रिपोर्ट
सर्वे टीम लीडर डॉ. बिनानी भट्टाचार्य ने बताया कि उनकी टीम सरकार के आदेशानुसार सर्वे के लिए थेहड़ पर आए थे। शाम को टीम
वापस रवाना हो जाएगी। सारी रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी। इसलिए अधिकारिक तौर पर इससे ज्यादा कुछ कह सकती। गौरतलब है
कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने थेहड़ समस्या के हल को लेकर पुरातत्व विभाग हरियाणा के अधिकारी व वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों
के साथ बैठक की थी। इसी के चलते पुरातत्व विभाग के अधिकारी सर्वे के लिए थेहड़ पहुंचे।
काम पर नहीं गए थेहड़वासी
थेहड़ निवासी छिंद्र ऑटो चालक है। बुधवार को कड़ाके की गर्मी के बीच धूप में घर के बाहर वह सर्वे टीम का इंतजार करता रहा।
छिंद्र ने बताया कि सुबह जब पता चला कि पुरातत्व विभाग के अधिकारी आएंगे, इस कारण बेघर होने का डर लेकर एक माह से जी रहे
कोई भी थेहड़वासी काम पर नहीं गया। उसने कहा कि दिल में घबराहट है कहीं बेघर न होना पड़े। छोटे-छाटे दो बच्चे है, एक बहन है
जिसकी शादी करनी है, बां-बाप बूढ़े हो चुके हैं। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके सिर हैं। अगर घर नहीं रहेगा तो कहां लेकर
जाऊंगा पूरे परिवार को। सारा परिवार यह बात सोचकर परेशान है। अब ऊपर वाले से ही आस बची है, काश वीरवार को अदालत थेहड़ वासियों पर रहमत की बरसात कर दे नहीं उस जैसे हजारों गरीब परिवारों को बेघर होना पड़ेगा।
उदास चेहरे लिए बाहर खड़ी रही महिलाएं
सुबह अखबारों के माध्यम से थेहड़वासियों को पता चला कि आज पुरातत्व विभाग के अधिकारी थेहड़ पर आएंगे। कड़ी धूप में महिलाएं घरों के बाहर उदास चेहरे लेकर झुंड बनाकर खड़ी रही। सभी भगवान से प्रार्थना कर रहे थी कि किसी भी तरह उनके घर टूटने से बच
जाएं। जैसे ही पुरातत्व विभाग की टीम थेहड़ पहुंची, लोगों ने नमस्ते व राम-राम बोलकर उनका सम्मान किया। लोगों ने कहा कि यहां
केवल गरीब लोग रहते हैं, यहां खोजने लायक कुछ भी नहीं है। कृपया खोज के नाम पर उन्हेेें न उजाड़ा जाए। उपमंडलाधीश ने लोगों से
कहा कि आपके सहयोग का वे सम्मान करते हैं कृपा करके सर्वे टीम को अपना काम करने दें और पीछे-पीछे कोई न आए।
उम्मीद है थेहड़वासियों के पक्ष में देंगे रिपोर्ट
थेहड़वासियों को पुरातत्व विभाग की टीम से काफी उम्मीदें हैं। लोगों ने कहा कि हम आशा करते हैं कि वे उनके पक्ष में रिपोर्ट देेंगे। थेहड़ 99 प्रतिशत आबाद है। यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं जो खोज करने लायक हो। यहां केवल गरीब वर्ग सालों से अपने मकान बनाकर रह रहा है।
एडवोकेट संजू बाला, प्रधान थेहड़ संघर्ष समिति।