प्रदेश के स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिज विज 11 जनवरी को जब सिरसा आए थे तो उन्होंने डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां के समक्ष डेरे में ही मेडिकल कॉलेज खोलने की बात कही थी जिस पर डेरा प्रमुख ने अपनी सहमति दे दी थी। वीरवार को सरकार ने डेरे में मेडिकल कॉलेज स्थापना की घोषणा की साथ ही डेरा कमेटी को एलओआई जारी किया। इसके साथ ही सिरसा में हिसार रोड और डबवाली में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग पर विराम लग गया है।
गौरतलब हो कि गत 11 जनवरी को स्वास्थ्य एवं खेल मंत्री अनिज विज की डेरा प्रमुख से मुलाकात के बाद तय हो गया था कि डेरा में ही अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा दे दिया जाएगा। एक तो सरकार का खर्च बच जाएगा और ऊपर से जिला को मेडिकल कॉलेज मिल जाएगा। डेरा के शाह सतनाम जी स्पेशिलिटी अस्पताल को अंतर राष्ट्रीय स्तर का अस्पताल बनाया गया जहां पर 400 बेड है। इस अस्पताल के संयुक्त मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गौरव इंसां ने बताया कि इस अस्पताल में विश्व आधुनिक मशीनें हैं जो देश के कुछ ही अस्पतालों में है।
किस-किस को होगा लाभ
सिरसा जिले में कोई मेडिकल कॉलेज नहीं है। मरीजों को गंभीरावस्था में लोग या तो बठिंडा या पीजीआई रोहतक ले जाते हैं और कुछ लोग दिल्ली, चंडीगढ़ या जयपुर ले जाते हैं। सिरसा में मेडिकल कालेज बनने से तीन राज्यों के लोगों को लाभ होगा। हरियाणा सीमा से लगते पंजाब के करीब 50 गांवों, राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के संगरिया से लेकर नोहर, भादरा और सिरसा के पड़ोसी जिला फतेहाबाद और उसके कई गांवों के लोगों को लाभ होगा। सिरसा में भी गांवों की संख्या 334 है।