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सिरसा को मिली पांच नई मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की सौगात

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मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का उद्धाटन करते भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य देवीलाल चौटाला और उपायुक्त अन? - फोटो : Sirsa
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सिरसा। स्वस्थ खेत अभियान के तहत प्रदेश के 14 जिलों में 40 नई भूमि परीक्षण प्रयोगशालाओं का मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ऑनलाइन उद्घाटन किया गया है। इन मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं पर 532.21 लाख रुपये की लागत आई है। इनमें सिरसा जिले में बनाई गई पांच नई प्रयोगशालाएं भी शामिल हैं। ये प्रयोगशालाएं डबवाली, ऐलनाबाद, रानियां, कालांवाली और डिंग में स्थापित की गई है। इन के निर्माण पर 117.50 लाख रुपये की लागत आई है। हालांकि सिरसा में पहले से ही मृदा परीक्षण प्रयोगशाला है। जिले की चार लाख हेक्टेयर मिट्टी के नमूने यहां जांच के लिए पहुंचते हैं।
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वीरवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कहा कि आने वाले तीन वर्षों में कृषि विभाग व मार्केटिंग बोर्ड द्वारा प्रदेश की 75 लाख एकड़ भूमि की मृदा की जांच करवाने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2021-22 में प्रदेश की 25 लाख एकड़ भूमि की मृदा की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्न उत्पादन में हमें मात्रा के साथ-साथ गुणवत्ता का भी ध्यान रखना है। भूमि परीक्षण प्रयोगशालाएं इसमें कारगर साबित होंगी। मुख्यमंत्री के साथ हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, महानिदेशक डॉ. हरदीप सिंह, मुख्य प्रशासक मार्केटिंग बोर्ड विनय सिंह, इंजीनियर इन चीफ उदयभान मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मृदा की जांच से ही पता चलता है कि उसमें किन उर्वरकों की कमी है, इसलिए किसान वैज्ञानिक खेती से जुड़कर भूमि के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में कदम बढ़ाएं। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जयप्रकाश दलाल ने प्रदेशवासियों को इन मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं की बधाई दी।
निर्माण पर 124.23 लाख आई लागत
जिला स्तरीय समारोह में उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने जिले में 117.50 लाख रुपये की लागत से बनी पांच मृदा परीक्षण प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया है। जिनमें 43.41 लाख रुपये की लागत से डबवाली व 63.43 लाख रुपये की लागत से ऐलनाबाद में मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं शामिल है। इसके अलावा तीन लघु मृदा परीक्षण प्रयोगशालाएं रानियां, कालांवाली व डिंग में स्थापित की गई हैं। जिन पर क्रमश: 4.88 लाख, 1.21 लाख तथा 4.57 लाख रुपये की लागत आई है। उन्होंने कहा कि मृदा जांच के उपरांत किसान भूमि की आवश्यकता अनुसार पोटाशियम, सोडियम या नाइट्रोजन आदि फर्टिलाइजर का प्रयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि डबवाली व ऐलनाबाद में बड़ी लैब में एक सीजन में 10 हजार सैंपल टेस्टिंग तथा रानियां, कालांवाली व डिंग में स्थापित लघु लैब में एक सीजन में तीन हजार सैंटल टेस्टिंग की क्षमता है।
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जिले की 4 लाख हेक्टेयर भूमि की जांच के लिए थी एक ही प्रयोगशाला
जिले की कृषि लायक भूमि 4 लाख 2 हजार 782 हेक्टेयर की मृदा जांच करवाने को लेकर सिरसा में ही परीक्षण प्रयोगशाला थी। जिले के अंतिम छोर वाले गांव व अधिक दूरी वाले गांवों से प्रयोगशाला की अधिक दूरी होने के कारण किसान मृदा व पानी की जांच करवाने नहीं आते थे। साथ गेहूं सीजन के बाद मृदा व पानी के अधिक सैंपल आने के चलते रिपोर्ट किसानों तक देरी से पहुंचती थी। जिले को मिली नई पांच मृदा व जल परीक्षण प्रयोगशाला से अब दूरी कम होगी व अधिक किसान मृदा की जांच करवाने प्रयोगशालाओं में पहुंचेंगे।
जिला स्तरीय समारोह में यह अधिकारी रहे उपस्थित
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण लघु सचिवालय के बैठक कक्ष में आयोजित जिला स्तरीय समारोह में किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त अनीश यादव, जिलाध्यक्ष भाजपा आदित्य देवीलाल, पूर्व चेयरमैन जगदीश चोपड़ा, जिलाध्यक्ष जननायक जनता पार्टी सर्वजीत सिंह मसीतां, समाजसेवी गोबिंद कांडा, युवा भाजपा नेता हनुमान कुंडू, ज्वाइंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर राम प्रताप सिहाग, उप निदेशक कृषि डॉ. बाबूलाल, मार्केटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता विजेंद्र शर्मा, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी रमेश शर्मा, उपमंडल अधिकारी भूप सिंह बैनीवाल, श्रवण कुमार आदि मौजूद रहे।
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