महिला पुलिस कांस्टेबल की परीक्षा देकर यमुनानगर से वापस सिरसा लौट रहे अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों से भरी बस शहर के हिसार रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक के पास पलट गई। हादसे में 15 अभ्यर्थी और उनके अभिभावक घायल हो गए। वहीं बस पलटने के बाद चालक परिचालक मौका मिलते ही बस छोड़ फरार हो गए।
निजी बस में 75 से अधिक अभ्यर्थी और उनके अभिभावक सवार थे। बस के पलटने के कारण 15 यात्री घायल हो गए। जिन्हें मौके पर ही नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। बस में सवार यात्रियों के हाथ, पैर, मुंह, कंधे और शरीर के अन्य अंगों पर काफी चोटें आई हैं। एक यात्री की हालत गंभीर होने के कारण उसे रेफर किया गया है। सड़क हादसे में पंजुुआना की पूजा, ममता, झिड़ी की बिंदू, कुस्सर की किरण, बणी का संदेश, घोड़ावाली की शालू और पलक, फरवाई कलां की कविता, ढूकड़ा की जोतसना, सिरसा की हिमांशी, कुस्सर की मंजू, घोड़ावाली गांव की शशि सुमन, पंजुआना का हंसराज और ढूकड़ा का महेंद्र घायल हुआ है। महेंद्र की पीढ़ पर चोट लगने के कारण उन्हें रेफर कर दिया गया और उनके परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल में पहुंचे। यहां पर उनका इलाज चल रहा है।
छपोला बस गांव घोड़ांवाली के आसपास कई गांवों से अभ्यर्थियों और उनके परिजनों को लेकर रवाना हुई थी। घायल बिंदू ने बताया कि घोड़ावाली में ही बस पूरी तरह से भर गई थी। लेकिन इसके बाद भी चालक, परिचालक और बस मालिक जगह-जगह से अन्य यात्रियों को सवार करवाते रहे।
घायल महेंद्र के बयान पर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चालक अभी मौके से फरार है। बस को रोड से हटवा दिया है। जल्द ही आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा। हादसे में घायल हुए यात्रियों का इलाज करवाया जा रहा है। -रामनिवास, सिविल थाना प्रभारी सिरसा।
अभ्यर्थियों और अभिभावकों को वापस लेकर लौट रही बस का हादसा होने के बाद घायल वीरपाल कौर और हंसराज ने बताया कि हादसे के दौरान बस का परिचालक बस को चला रहा था जबकि चालक नशे में धुत होने के कारण वह आराम फरमाने के लिए चला गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो इसके बाद भी दोनों ने कोई सुनवाई तक नहीं की।
वहीं वीरपाल कौर ने बताया कि बस की लाइट खराब होने के बाद कैथल में दो घंटे तक वह बस खड़ी रही। जिस दौरान चालक और परिचालक शराब का सेवन करते रहे। इसके बाद जब वहां से बैटरी को बदला गया तो दोनों होश में नहीं थे। ऐसे में बस में सवार सभी लोग भी नीचे उतर गए और उनका विरोध करते रहे। लेकिन चालक परिचालक नहीं माने।
नियमों को ताक पर रखकर चालक परिचालक अधिक सवारियों को सवार कर बस को एक स्थान से दूसरे स्थान तक दौड़ाते हैं। लेकिन संबंधित विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जिसके कारण हादसा होने का डर बना रहता है। नियमों के उल्लंघन करने के कारण ही सिरसा में बड़ा हादसा हुआ है। शुक्र यह रहा कि इसके कारण किसी यात्री की जान नहीं गई है।