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Sirsa News: कनीना हादसे के बाद सख्त हुई पुलिस, 133 स्कूल बसों के काटे चालान, 11 को किया जब्त

Fri, 12 Apr 2024 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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चालान काटने की कार्रवाई करती पुलिसकर्मी।
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सिरसा। महेंद्रगढ़ के कनीना में हुए हादसे के बाद जागी जिला यातायात पुलिस व थाना प्रभारियों ने शुक्रवार को निजी स्कूलों के वाहनों के खिलाफ काफी सख्ती बरती। यातायात पुलिस ने जिलेभर में विशेष अभियान चलाते हुए निजी स्कूल की बसों की गहनता से जांच की। इस दौरान उनमें भारी अनियमितता पाई गई। जिस पर पूरे जिले में 133 स्कूल वाहनों के चालान काटे गए और 11 बसों को जब्त किया गया। यातायात पुलिस के इस अभियान से स्कूल संचालकों में हड़कंप की स्थिति रही। वहीं हरियाणा के मुख्य सचिव ने शुक्रवार को इस मामले में आयुक्त सहित सभी अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक भी ली।
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बता दें कि महेंद्रगढ़ के कनीना में स्कूल बस हादसे में गई मासूमों की जान जाने व उनके घायल होने के बाद सरकार ने प्रदेश की सभी निजी स्कूलों की बसों की जांच के आदेश दिए थे। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण ने यातायात पुलिस व थाना प्रभारियों को को फील्ड उतरकर हर स्कूल की बसों की जांच के आदेश दिए।
बता दें कि कि जिले में करीब 300 निजी स्कूल हैं। शुक्रवार को फील्ड में उतरी यातायात पुलिस की टीम ने सुबह स्कूल लगने के समय व दोपहर को छुट्टी होने के समय स्कूल बसों के कागजों सहित अंदर सभी प्रकार की जांच की। टीमों ने बस चालकों के कागजों, उनकी परमिशन, बसों के हालात, बस कौन से मॉडल की है, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, सीसीटीवी कैमरे, बस चालकों के डीएल आदि की जांच की। साथ ही बसों में सीटों के अनुसार, बच्चों की संख्या का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान अनेक वाहनों में खामियां मिली। इस दौरान कुल 133 वाहनों के चालान काटे गए। वहीं घोर अनियमितता बरतने वाली 11 बसों को इंपाउंड कर लिया गया।
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एक हफ्ते में हो पूरी जांच : मुख्य सचिव
कनीना में हुए स्कूल बस हादसे के बाद शुक्रवार को हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निजी स्कूल बसों की स्थिति व उनके प्रबंधन को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की और इस दिशा में गंभीरता से कार्रवाई बारे में निर्देश दिए। इस दौरान हिसार मंडल आयुक्त गीता भारती व उपायुक्त आरके सिंह भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव ने इस अवसर पर कहा कि सुरक्षित स्कूल वाहन नीति के निर्धारित नियमों के उल्लंघन पर स्कूल संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। इसके साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करें कि स्कूलों में बेस्ट क्वालिटी की बसें व अनुभवी चालक होने चाहिए। इसके अलावा एक सप्ताह के अंदर-अंदर सभी स्कूलों की बसों व चालकों की गहनता से जांच की जाए।

जांच में ये मिली खामियां
1. अधिकतर बसों की अग्निशमन यंत्र ही नहीं थे, जो थे, वह एक्सपायर हो चुके थे।
2. कई बस चालकों ने अपनी बसों का नया रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था और ना ही उनके पास परमिशन थी।
3. बसों में सीटों से अधिक विद्यार्थी मिले।
4. बसों में फर्स्ट एड बॉक्स नहीं मिले।
5. कई बस चालकों के पास तो ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं थे, और कईयों के एक्सपायर हो चुके थे।
6. कई स्कूल बसों की तो नंबर प्लेट भी नहीं लगी मिली।
7. कई बसों में सीसीटीवी कैमरे भी नहीं लगे पाए गए।
8. स्कूल बस चालक चलती बस में मोबाइल फोन का उपयोग करते मिले।

ये हैं नियम
सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार स्कूल बस पीले रंग से पेंट होने चाहिए। उसके आगे और पीछे ऑन स्कूल ड्यूटी लिखा हो। सभी खिड़कियों में आड़े छड़ लगे होने चाहिए। बस में अग्निशमन यंत्र लगा हो। बस में स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा होना चाहिए। बस के दरवाजे में अच्छी क्वालिटी का ताला लगा हो। सीटों के बीच पर्याप्त जगह हो। बच्चों को बस में चढ़ाने व उतारने के लिए अनुभवी अटैंडेंट रहे। स्कूल बस में कोई अभिभावक या शिक्षक बच्चों के साथ रहे। स्कूल बस के चालक को कम से कम 5 साल का अनुभव हो। इसके अलावा रेड लाइट का उल्लंघन आदि यातायात के नियम का उल्लंघन करने पर अगर किसी चालक का साल में दो चालान हो चुका हो, उसे नियुक्त नहीं किया जा सकता। तेज गति, शराब पीकर वाहन चलाने व खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के जुर्म में जिसे साल में एक बार चालान किया गया हो, उसे चालक के रूप में नियुक्त नहीं किया जा सकता। साथ ही सारे स्कूल बसों का ट्रांसपोर्ट परमिट होना चाहिए।


बच्चे देश का भविष्य है, इसलिए उनकी सुरक्षा करना हम सबका परम कर्तव्य बनता है, इसलिए उनकी जिंदगी से किसी भी सूरत में खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। पुलिस टीमों ने बस चालकों को हिदायत देते हुए कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग न करें, तथा बस चलाते समय किसी भी नशीले पदार्थ का सेवन भी न किया हो। यातायात नियमों का पालन न करने वाले किसी भी स्कूल संचालक को नहीं बख्शा जाएगा।

-विक्रांत भूषण, पुलिस अधीक्षक सिरसा।


स्कूल बसों के प्रबंधन को लेकर जो भी निर्देश दिए गए उनकी पालन करते हुए इस दिशा में तत्परता से कार्य किया जाएगा। बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों में सुरक्षा की दृष्टि के मद्देनजर सरकार की सभी गाइडलाइन के अनुसार वाहनों की फिटनेस होनी चाहिए। अगर इसमें कहीं कोई कमी मिलती है तो ऐसे वाहनों को जब्त कर लिया जाए या फिर उनके पंजीकरण रद्द कर दिए जाए। इस कार्य में किसी प्रकार की कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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आरके सिंह, उपायुक्त, सिरसा।
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