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सिरसा: दूसरे को परीक्षा में बैठाकर एचटेट पास करने वाला पीजीटी बर्खास्त, एक साल से चल रहा था गैरहाजिर

Wed, 16 Mar 2022 11:43 PM IST
भूपेंद्र सिंह भूपेंद्र पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)

सार

मूल रूप से भिवानी निवासी पीजीटी सिरसा के गांव सुखचैन में कार्यरत था। आरोपी सीएम विंडो में शिकायत के बाद जांच में शामिल नहीं हुआ। सीएम के ओएसडी की बैठक में बर्खास्त करने का फैसला हुआ था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरियाणा पात्रता परीक्षा (एचटेट) में किसी दूसरे को बैठाकर उत्तीर्ण होने के बाद नौकरी हासिल करने वाले पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) को विभाग ने नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सीएम विंडो में शिकायत के बाद हुई जांच में खुलासा हुआ तो शिक्षक न तो जांच में शामिल हुआ और न ही एक वर्ष तक ड्यूटी पर आया। एक साल से गैरहाजिर चल रहे पीजीटी को बर्खास्त करने के आदेश बुधवार को स्कूल एजुकेशन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह ने जारी किए।

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हरियाणा के सिरसा जिले के गांव सुखचैन स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत हिंदी के पीजीटी राकेश मोर को विभाग ने नौकरी से बर्खास्त किया है। इस संबंध में आदेश जारी हो गए हैं। इसकी कॉपी जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित स्कूल प्रिंसिपल के साथ-साथ आरोपी शिक्षक को भी भेजी गई है। राकेश मोर ने एचटेट परीक्षा के आधार पर नौकरी हासिल की और गांव सुखचैन स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कार्यरत था। 

ये है पूरा मामला
एचटेट परीक्षा परिणाम के आधार पर मूल रूप से भिवानी के लाजपत नगर निवासी राकेश मोर ने पीजीटी हिंदी की नौकरी हासिल की। उन्हें सिरसा के गांव सुखचैन स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भेजा गया। लेकिन भिवानी निवासी विनय कुमार ने सीएम विंडो में शिकायत दी। इसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने आरोप लगाए कि राकेश मोर ने किसी दूसरे को अपने स्थान पर परीक्षा में बैठाकर फर्जी प्रमाण पत्र हासिल किया है।
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इस मामले की जांच के आदेश हुए। आरोपी शिक्षक को जांच में शामिल होने और अंगूठे के निशान के मिलान के लिए बुलाया गया। लेकिन आरोपी शिक्षक तो जांच में शामिल नहीं हुआ। इतना ही नहीं एक अप्रैल से ड्यूटी से भी गैरहाजिर हो गया। बार-बार पत्राचार के बावजूद पेश नहीं हुआ।

इसके बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी की अध्यक्षता में 20 अक्तूबर को बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में फैसला लिया गया कि फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर राकेश मोर ने नौकरी हासिल की है। इसलिए उसे बर्खास्त करने की अनुशंसा की गई। अब बुधवार को शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. महावीर सिंह ने राकेश मोर की बर्खास्तगी के आदेश जारी कर दिए हैं।

हां, जारी हुए हैं आदेश : जिला शिक्षा अधिकारी

हिंदी पीजीटी को लेकर सीएम विंडो में शिकायत लगी थी। जांच हुई तो उसे बुलाया गया, लेकिन बार-बार पत्राचार के बावजूद पेश नहीं हुआ। साथ ही करीब एक साल से गैरहाजिर चल रहा था। उसे जांच के बाद बर्खास्त कर दिया है। -संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।

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