सिरसा। नगर परिषद की ओर से शहर में फर्जी गलियों के निर्माण और बोगस बिल बनाए जाने की पर्याप्त जांच न होने, शिवपुरी कल्याण भूमि में घोटाले और गलत एस्टीमेट संबंधी शिकायतों के लिए पूर्व पार्षद सुशील सैनी और समाजसेवी गुरलाल सेखों ने सोमवार को उपायुक्त शांतनु शर्मा से मुलाकात की।
उपायुक्त को शिकायत पत्र देते हुए कार्रवाई की मांग की। पत्र में सुशील सैनी और गुरलाल सेखों ने लिखा कि शिवपुरी कल्याण भूमि में 2021 में टेंडरों के वर्क ऑर्डर जारी किए गए। पोर्टल पर जो साइट प्लान और निर्माण कार्य किए जाने थे, हकीकत में बिना किसी निर्माण कार्य के बोगस एमबी भरकर लाखों रुपये के शेड, अस्थियां रखने के लिए कमरा बिना बनाए कागजों में दर्शाकर लाखों रुपये की राशि एजेंसी से मिलकर संबंधित एमई और जेई ने निकलवा ली।
उन्होंने लिखा कि उपरोक्त मामले की जांच उपायुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई, लेकिन एमई और जेई की ओर से डीएमसी से मिलीभगत करके जांच को प्रभावित किया जा रहा है। शिवपुरी का पोर्टल पर ड्राइंग, साइट प्लान, एस्टीमेट व अन्य रिकॉर्ड अपलोड करके जो वर्क ऑर्डर एजेंसी को दिया गया था, उन सभी दस्तावेज को बदला गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें एमई और जेई को बचाने के तरीके से जांच की जा रही है। पत्र में कहा गया है कि शिवपुरी कल्याण भूमि में किए गए घोटाले की जांच डीएमसी की देखरेख में करवाई जा रही है। जिन्होंने एडीसी का कार्यभार भी संभाला हुआ है, भ्रष्टाचार करने वालों से मिलीभगत कर जांच को प्रभावित कर रहे हैं और निष्पक्ष जांच नहीं करना चाहते। इन्हीं के कार्यकाल में शिवपुरी के टेंडर लगाए गए थे। वे अपने पद के प्रभाव से जांच को प्रभावित करके एमई और जेई को बचाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं।
इसलिए डीएमसी को तुरंत जांच से हटाकर उपायुक्त स्वयं अपनी निगरानी में पीडब्ल्यूडी एक्सईएन से रिपोर्ट लेकर निष्पक्ष रूप से जांच करवाएं। साथ ही सैकड़ों गलियों के फर्जी निर्माण और बिलिंग की भी जांच निष्पक्षता से करवाई जाए। इनमें करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया है। अन्यथा वे हाईकोर्ट में जाएंगे।