डबवाली। डबवाली पुलिस अधीक्षक सुमेर सिंह ने बताया कि आजकल साइबर ठग ठगी करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। उन्होंने बताया कि आजकल बहुत से बच्चे विदेशों में पढ़ाई के सिलसिले में गए हुए हैं। साइबर ठग इसी चीज का फायदा उठाते हुए विदेशों से कॉल करते हैं और कहते हैं कि आपके रिश्तेदार या आपके बच्चे का झगड़ा हो गया है और उस झगड़े में समझौता कराने के लिए पैसे देने पड़ेंगे।
इसके अतिरिक्त साइबर ठग आपको यह भी कहते हैं कि आपके रिश्तेदार या आपके बच्चे का एक्सीडेंट हो गया है। उसे पुलिस ने पकड़ लिया है। इसकी एवज में वह आपसे पैसों की डिमांड करते हैं। हम अपने बच्चों के भविष्य को देखते हुए बिना सोचे समझे ही उनको पैसे भेज देते हैं और बाद में हमें पता चलता है कि हमारे साथ तो ठगी हुई है। विदेश से कोई आपका रिश्तेदार बनकर आपको कॉल करता है कि उसने आपके खाते में पैसे डाले हैं। वह पैसे आप से भारत में कोई एजेंट ले लेगा। साइबर ठग डाले हुए पैसों की नकली रसीद भी आपको व्हाट्सएप पर देता है।
पुलिस अधीक्षक ने इस बारे में एडवाइजरी जारी करते हुए कहा कि इस तरह के ठगो से सावधान रहें। यदि इस तरह की कोई फोन कॉल आपके पास आती है तो पहले अच्छी तरह इसकी जांच कर लें। उसके बाद ही अगला कदम उठाएं। साइबर अपराधी नए-नए तरीके अपना रहे हैं। आमजन जागरूकता से ही साइबर अपराधियों के चंगुल में आने से बच सकते हैं। इसके बावजूद साइबर क्राइम के शिकार होते हैं तो तुरंत भारत सरकार द्वारा जारी साइबर क्राइम हेल्प लाइन नंबर 1930 पर काॅल करें। साथ ही बताया कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में अपनी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https//www.cybercrime.gov.in पर या नजदीकी थाना/चौकी में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।