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Sirsa News: मंडी में नहीं बिका धान, शेलर ने भी नहीं खरीदा, लौटते समय ट्रैक्टर ट्राली पलटने से किसान की मौत

Sun, 10 Nov 2024 11:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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रोड पर पलटी हुई ट्रेक्टर ट्राली और बिखरा हुआ धान। संवाद।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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रोडी (सिरसा)। गांव रंगा में घग्गर नदी के पुल के पास ढलान पर ट्रैक्टर-ट्राॅली पलटने के कारण उसके नीचे दबने से अलीकां के किसान मुरारी लाल की मौत हो गई। धान नहीं बिकने पर शेलर के पास से देर रात लौटते समय यह घटना हुई। मंडी में धान नहीं बिकने पर किसान शेलर के पास पहुंचा था।



मुरारी लाल के चचेरे भाई राजेंद्र ने बताया कि मुरारी के पास ढाई एकड़ जमीन थी और 3 एकड़ उसने ठेके पर ले रखी थी। वह मुसाहिबवाला शेलर के पास अपनी फसल बेचने के लिए गया था क्योंकि सिरसा मंडी में उठान न होने के कारण बोली बंद का मैसेज दिया गया था। लाइन लगी होने के कारण मुरारी लाल का तीन बजे नंबर आया। एक शेलर ने धान में नमी ज्यादा बताकर खरीदने से इन्कार कर दिया। दूसरी बार शाम को कहा कि एमएसपी से 250 रुपए प्रति क्विंटल कम दाम पर और प्रति क्विंटल 13 किलो काट के साथ धान खरीदा जाएगा। इस पर उसने धान बेचने से इन्कार कर दिया। इसके बाद वह करीब रात 9 बजे अपने घर लौट रहा था।
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परिवार में अकेला ही कमाने वाला था

किसान मुरारी लाल शादीशुदा था। उसकी 3 वर्षीय और 9 महीने की दो बेटियां हैं। एक बुजुर्ग मां है। घर पर वहीं अकेला कमाने वाला था। मुरारी लाल के पिता का साया बचपन में ही सिर से उठ गया था। मां ने खुद खेत में काम करके बड़ी मुश्किल से मुरारीलाल का पालन-पोषण किया था, ताकि बेटा जवान होकर उनके बुढ़ापे का सहारा बनेगा।

बैंक की किश्त और आढ़ती के कर्ज की सता रही थी चिंता

अलीकां के पूर्व सरपंच त्रिलोचन संधू ने बताया कि मुरारी लाल उनके खेत और घर का पड़ोसी था। उनके साथ अपनी चिंता सांझा करता हुआ बताता था कि इस बार फसल भी बहुत कम हुई है, जिससे बैंक की किश्त और आढ़ती का कर्जा देना भी मुश्किल हो जाएगा।
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भ्रष्ट तंत्र किसान मुरारी लाल की मौत का जिम्मेदार

शोक जताने पहुंचे किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने धान खरीद एजेंसी, मार्केट कमेटी, राइस शेलर व भ्रष्ट तंत्र को इस घटना का जिम्मेवार बताते हुए प्रशासन व सरकार से किसान की आर्थिक मदद की मांग की है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो प्रदेश सरकार फसल एमएसपी पर खरीदने की बात कर रही है, दूसरी तरफ मंडियों में किसानों को लूटा जा रहा है। राइस शेलर 10 से 15 किलो प्रति क्विंटल काट ले रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार, मार्केट कमेटी, धान खरीद एजेंसियां, राइस सेलर मालिक व आढ़तियों से किसानों की लूट करवा रही है।

रोड पर पलटी हुई ट्रेक्टर ट्राली और बिखरा हुआ धान। संवाद।

रोड पर पलटी हुई ट्रेक्टर ट्राली और बिखरा हुआ धान। संवाद।

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