संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नगर परिषद की ओर से गांव बकरियांवाली स्थित कचरा निस्तारण प्लांट की चहारदीवारी का निर्माण करवाया जाएगा। इस पर करीब 1.86 कराेड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सारी प्रक्रिया पूरी करवाकर काम शुरू करवा दिया जाएगा। काम पूरा होने के बाद प्लास्टिक व अन्य प्रकार का कचरा उड़कर खेतों में नहीं जाएगा।
नगर परिषद ने गांव बकरियांवाली में 13 एकड़ में कचरा निस्तारण प्लांट स्थापित किया हुआ है। यहां पर शहरभर से कचरा उठाकर निस्तारण के लिए भेजा जाता है। निस्तारण प्रक्रिया धीमी होने के कारण यहां सैकड़ों टन कचरा एकत्रित है। कचरा दीवारों से ऊपर आ गया है। ऐसे में हवा के साथ कचरा उड़कर खेतों में पहुंच जाता है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचता है। इसी समस्या को लेकर ग्रामीण उपायुक्त से लेकर जिला नगर आयुक्त से मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में अब नगर परिषद ने कचरा निस्तारण प्लांट की सुध ली है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार गांव बकरियांवाली कचरा निस्तारण प्लांट में चहारदीवारी को दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए नगर परिषद ने एक करोड़ 86 लाख रुपये का टेंडर लगाया है। मौजूदा समय में प्लांट की चहारदीवारी सात फीट के आसपास है। इससे अब मजबूत कर 15 फीट ऊंची बनाई जाएगी। 15 फीट के ऊपर 5 फीट जाली या तार लगाई जाएगी, ताकि कूड़ा उड़कर खेतों में न जाए।
कई जगह से टूटी हुई है चहारदीवारी
कचरा निस्तारण प्लांट की चहारदीवारी कई जगह से टूटी हुई है। दीवार के छोटी होने के कारण कचरा उड़कर खेतों में जाता है। ऐसे में प्रशासन ने पहले दीवारों के साथ कचरा हटाने का काम किया है। वहीं, पूर्व में बनाई गई दीवार की ऊंचाई कम है। ग्रामीणों ने ऊंचाई बढ़ाने की मांग की थी। अब दीवारों को ऊंचा उठाया जाता है तो कचरा निस्तारण करने वाली कंपनी को भी फायदा होगा और आवारा कुत्ते भी प्लांट में नहीं आएंगे।
पूर्व उपायुक्त ने जनसंवाद में दिए थे आदेश
पूर्व उपायुक्त आरके सिंह ने ग्रामीणों के साथ निस्तारण प्लांट में आकर जनसंवाद भी किया था। जनसंवाद में ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने अधिकारियों को चहारदीवारी को ऊंचा उठाने व अन्य बेहतर व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। इसी दौरान विधानसभा चुनाव आ जाने के कारण यह प्रोजेक्ट रूट गया था।
कोट्स
बकरियांवाली कचरा निस्तारण प्लांट को अपग्रेड करने का कार्य किया जा रहा है। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के साथ प्लांट को सुरक्षित बनाने का काम किया जाएगा। पहले चरण में 1 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से चहारदीवारी को ऊंचा उठाने व मजबूत बनाने का काम किया जाएगा। - विक्की, एक्सईएन, नगर परिषद।